‘करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है श्रीराम मंदिर, पारदर्शिता जरूरी’; गाजियाबाद में बोले अविमुक्तेश्वरानंद
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाजियाबाद में कहा कि श्रीराम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके सभी कार्य पारदर्शी होने चाहिए।

गाजियाबाद। श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ो लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए उससे जुड़े सभी कार्य पारदर्शी ढंग से होने चाहिए। समाज में धर्म की केवल चर्चा करने की बजाय धर्माचार्यों के मार्गदर्शन को महत्व दिया जाना चाहिए। ये बातें अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाजियाबाद आगमन पर कहीं। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 84 दिनों की गविष्टि गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा कर रहे हैं। इसी क्रम में वह मंगलवार को शिव शक्तिधाम डासना के पीठाधीश्वर नरसिंहानंद सरस्वती के साथ गाजियाबाद पहुंचे। जहां कविनगर स्थित आपका भवन में उनका स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद सरस्वती भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट पर चंदे एवं दानपात्र में चोरी को लेकर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अविमुक्तेश्वरानंद ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को लेकर कहा कि धार्मिक स्थानों पर धर्माचार्य होने चाहिए।
श्रीराम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ो लोगों की आस्था का केंद्र है। इसलिए उससे जुड़े सभी कार्य पारदर्शी ढंग से होने चाहिए। श्री भगवान राम के दरबार में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। ट्रस्ट को पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा कि धर्माचार्य समाज को सही दिशा देने का कार्य करते हैं और उनके नेतृत्व में ही धार्मिक मूल्यों की रक्षा संभव है।समाज में धर्म की केवल चर्चा करने की बजाय धर्माचार्यों के मार्गदर्शन को महत्व दिया जाना चाहिए। गविष्टि गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के बारे में बताते हुए ने कहा कि देश में गोवंश की रक्षा और संवर्धन समय की जरूरत है। गो माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दोहराई।
उनका कहना कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता में गाय का विशेष महत्व है तथा उसके संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए। सरकार को भी इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती धर्मयुद्ध यात्रा कर विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को गो संरक्षण, सनातन धर्म के मूल्यों के प्रति समाज में जागरूकता के लिए प्रेरित कर रहे हैं। 17 जून यानी बुधवार को मोरटा में धर्म सभा का आयोजन कर धर्म, संस्कृति एवं समाज कल्याण से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखेंगे।




