महाराष्ट्र की मिली पहली महिला मुख्य सचिव, 1987 बैच की आईएएस अधिकारी सुजाता सौनिक ने संभाला पद

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र को मुख्य सचिव के रूप में पहली महिला आईएएस अधिकारी मिली है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुजाता सौनिक ने रविवार को महाराष्ट्र के मुख्य सचिव का पदभार संभाल लिया। वह महाराष्ट्र के 64 साल के इतिहास में इस शीर्ष पद पर आसीन होने वाली पहली महिला हैं। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की 1987 बैच की अधिकारी सुजाता सौनिक ने रविवार को मुख्य सचिव के पद से रिटायर हुए नितिन करीर का स्थान लिया। उन्होंने कहा कि अगले साल जून में रिटायर होने से पहले सौनिक का कार्यकाल एक साल का होगा। रविवार शाम दक्षिण मुंबई स्थित राज्य सचिवालय मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में करीर ने सुजाता सौनिक को कार्यभार सौंपा।
​गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थीं सुजाता सौनिक​
मुख्य सचिव के रूप में पदोन्नति से पहले सौनिक राज्य के गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव थीं। उनके पति मनोज सौनिक राज्य के पूर्व मुख्य सचिव हैं। सुजाता सौनिक के पास स्वास्थ्य सेवा, वित्त, शिक्षा, आपदा प्रबंधन और जिला, राज्य तथा संघीय स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं संयुक्त राष्ट्र के तहत अंतरराष्ट्रीय संगठनों में लोक नीति और शासन का तीन दशकों का अनुभव है।
सुजाता सौनिक ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव डॉ नितिन करीर की जगह ली। पिछले शुक्रवार को अपने वार्षिक बजट में महिला-केंद्रित प्रस्तावों की घोषणा करने वाली महायुति सरकार 1987 बैच की आईएएस अधिकारी सुजाता सौनिक को मुख्य सचिव नियुक्त किया था। क्योंकि वर्तमान मुख्य सचिव नितिन करीर रविवार को सेवानिवृत्त हो गए। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता वाला राज्य सामान्य प्रशासन विभाग औपचारिक आदेश जारी किया ताकि वह शाम 5 बजे के बाद निवर्तमान मुख्य सचिव नितिन करीर से कार्यभार ले सकें। सुजाता सौनिक अगले साल जून में रिटायर होंगी।
सुजाता सौनिक के अलावा राजस्व विभाग से अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश कुमारी (1987 बैच) और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव इकबाल चहल (1989 बैच) मुख्य सचिव पद के लिए दो अन्य प्रमुख दावेदार थे। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सुजाता सौनिक को मुख्य सचिव के रूप में चुनने में सर्वसम्मति दिखाई। सरकार आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को एक मजबूत संकेत भेजना चाहती थी। इसके अलावा उनका चयन ऐसे समय में हुआ है जब सरकार ने हाल ही में चौथी महिला नीति के कार्यान्वयन की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य महिलाओं का सशक्तीकरण और विकास करना है।
सख्त और बेबाक अधिकारी के रूप में जानी जाने वाली सुजाता सौनिक वर्तमान में राज्य के गृह विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार संभाल रही हैं। हाल ही में उन्हें कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से सचिव रैंक पर पदोन्नत किया गया था। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग में भी अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्य किया है। साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सहित कुछ अन्य विभागों में भी काम किया है। सुजाता सौनिक के पास स्वास्थ्य सेवा, वित्त, शिक्षा, आपदा प्रबंधन एवं जिला, राज्य और संघीय स्तर पर शांति स्थापना और भारतीय प्रशासनिक सेवा और संयुक्त राष्ट्र के हिस्से के रूप में अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सार्वजनिक नीति और शासन का तीन दशकों का अनुभव है।

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