दो लाख के इनामी की संपत्ति होगी कुर्क, आपसी अदावत में इतने मर्डर हुए कि गांव का नाम ही पड़ गया खूनी भौरा

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। पुलिस वर्षों से फरार दो लाख के इनामी कुख्यात हरीश भौरा उर्फ हरीश बालियान की अचल संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है। जानलेवा हमले के एक मामले में कुर्की से पहले एसीजेएम कोर्ट से उसके विरुद्ध 82 सीआरपीसी के तहत स्वीकृति ली गई। एडीजे कोर्ट से उसकी गिरफ्तारी के स्थाई वारंट भी जारी हो चुके हैं। हरीश बालियान पर हत्या, लूट आदि के 25 से अधिक मुकदमे विचाराधीन हैं। करीब डेढ दशक तक जिले में आतंक का पर्याय रहे दो लाख के इनामी हरीश बालियान को पुलिस आज तक तलाश करने में नाकाम रही है। दो दशक पूर्व भौरा खुर्द में सतीश और शोभाराम पक्ष में खूनी अदावत हो गई थी। इसमें दोनों पक्ष के बीच चली रंजिश में एक दर्जन से अधिक हत्याएं हुईं। सतीश पक्ष के हरीश बालियान पर हत्या के आठ सहित करीब दो दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। हरीश बालियान काफी दिनों से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर शासन ने दो लाख का इनाम रखा है। करीब दो साल पहले एडीजे-7 कोर्ट ने भगोड़ा घोषित करते हुए हरीश की गिरफ्तारी का स्थाई वारंट बनाकर थाना भौराकला को भेजा था। एसीजेएम कोर्ट से 82 सीआरपीसी के तहत स्वीकृति प्राप्त की गई है।
अदावत में गांव का नाम पड़ा था खूनी भौरा
भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव भौराखुर्द का नाम 1989 में पहली बार चर्चा में आया। उस समय गांव में स्थानीय निवासी राजपाल की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के शोभाराम और उसके परिवार वालों को नामजद कराया गया। घटना के चार साल बाद गांव में शिमला पत्नी जगबीर और वर्ष 1997 में बारू पुत्र छज्जू पर जानलेवा हमला हुआ। इन दोनों घटनाओं में शोभाराम और परिवार के लोगों को नामजद कराया गया। 2004 के दौरान शोभाराम के सामने गांव के ही सतीश और उसके भाई हरीश तथा आदेश बालियान आ खड़े होने से रंजिश बढ़ गई।
इसी दौरान शोभाराम के बेटे सुखपाल की हत्या कर दी गई। इसमें हरीश और उसके पिता ब्रह्मपाल नामजद हुए। इस मामले में हरीश पक्ष के सात लोगों को 2016 में सजा हुई, लेकिन हरीश फरार ही रहा। इसके बाद गांव में हत्याओं का सिलसिला जारी रहा। 2004 में ही हरीश पक्ष के सुखबीर और उसके बेटे बिल्लू की हत्या कर दी गई। इसके बाद शोभाराम पक्ष ने हरीश के पिता ब्रह्मपाल की हत्या कर दी। उसके बाद 2005 में गांव में शोभाराम पक्ष के चौबेसिंह की हत्या हुई तो दूसरे पक्ष ने हरीश के भाई सतीश की हत्या कर दी। इसके बाद 2010 तक दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर रहे। इस दौरान कई बेगुनाहों की हत्या हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश चिकारा ने बताया, दो लाख के इनामी हरीश बालियान की तलाश जारी है। एक मामले में पुलिस उसकी संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है।

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