रेप पीड़िता से 50 हजार की रिश्वत लेती इंस्पेक्टर सिमरनजीत कौर गिरफ्तार, निठारी केस में हुई थीं बर्खास्त

बदायूं/उत्तर प्रदेश। बदायूं जिले के इस्लामनगर थाने में इंस्पेक्टर क्राइम पद पर तैनात सिमरनजीत कौर को मंगलवार को बरेली की ऐंटी करप्शन टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। एक दुष्कर्म पीड़िता ने ऐंटी करप्शन टीम से इंस्पेक्टर की शिकायत की थी। महिला इंस्पेक्टर पर आरोप था कि 1 लाख रुपये वह पहले वसूल चुकी थी और पचास हजार की और मांग कर रही थी। बरेली ऐंटी करप्शन के पुलिस उपाधीक्षक यशपाल सिंह के मुताबिक दुष्कर्म के मामले में फैसले का दबाव बनाने के लिए पीड़िता के खिलाफ आरोपी की पत्नी ने रंगदारी और आईटी ऐक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मामले की विवेचना कर रहीं सिमरनजीत कौर को महिला के खिलाफ सबूत नहीं मिले। ऐसे में उन्होंने मुकदमे में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगाने के लिए पीड़िता से रुपयों की मांग की। एक लाख रुपए वसूल करने के बाद इंस्पेक्टर ने और एक लाख रुपए मांगे। पीड़िता ने ऐंटी करप्शन में इसकी शिकायत कर दी। तब इंस्पेक्टर सिमरनजीत कौर को ट्रैप करने की योजना बनाई गई। मंगलवार को इंस्पेक्टर को 50 हजार रुपए लेते गिरफ्तार कर लिया गया। थाना बिनावर में इस केस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
दरअसल, सिमरनजीत कौर नोएडा के चर्चित निठारी कांड में ढुलमुल विवेचना की दोषी पाए जाने के बाद बर्खास्त कर दी गई थी। तब वह सब इंस्पेक्टर थीं, लेकिन करीब 8 साल बाद वह कोर्ट के आदेश से बरी और बहाल हो गई थी। बाद में वह प्रमोशन पाकर इंस्पेक्टर बन गई थी और ट्रांसफर बरेली हो गया था। कुछ दिन बरेली में तैनात रहने के बाद लोकसभा चुनाव से पहले बदायूं भेज दिया गया था बदायूं में इस्लामनगर थाने में इंस्पेक्टर क्राइम बन गई थी।

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