उत्तर पूर्वी दिल्ली के करावल नगर में नकली मसाले बनाने वाली दो फैक्टरियों का भंडाफोड़

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की साइबर सेल ने करावल नगर में नकली मसाले बनाने की दो निर्माण इकाइयों का भंडाफोड़ किया है। निर्माण इकाइयों का नजारा देख टीम की आंखें भी फटी रह गई। यहां आरोपितों द्वारा सडे़ हुए चावल, सड़े जामुन, लकड़ी के बुरादे, साइट्रिक एसिड और चोकर आदि मिलाकर मसाले बनाए जा रहे थे। अपराध शाखा ने इन नकली मसालों की दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति करने वाले दो निर्माताओं और एक आपूर्तिकर्ता को गिरफ्तार करते हुए दो निर्माण इकायों, मशीनें, टेंपो और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। मौके से कुल 15 टन मिलावटी मसाले और कच्चा माल बरामद किया गया है।
मसालों की सप्लाई खरी बावली और सदर बाजार के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के अन्य बाजारों में बड़ी मात्रा में की जाती थी, जिसकी जांच चल रही है। दोनों आरोपित 2021 से मसालों की निर्माण इकाई चला रहे थे। अपराध शाखा, साइबर सेल डीसीपी राकेश पावरिया ने बताया कि साइबर सेल, अपराध शाखा की टीम को मिालावटी मसालों के निर्माता और आपूर्तिकर्ताओं पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। टीम को सूचना मिली थी कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में कुछ निर्माता विभिन्न ब्रांडों के नाम पर मिलावटी मसालों के निर्माण और दिल्ली-एनसीआर में उसकी बिक्री में शामिल हैं।
एक मई को करावल नगर में दो निर्माण इकाइयों के चलने की जानकारी मिली। सूचना पर छापा मारा गया। यहां आरोपित दिलीप सिंह उर्फ बंटी और खुर्शीद मलिक मौजूद मिले। दिलीप यह निर्माण इकाई चला रहा था और बड़ी मात्रा में एसिड, तेल आदि का उपयोग कर मिलावटी हल्दी बना रहा था। पूछताछ में दिलीप सिंह ने बताया कि निर्माण इकाई का मालिक है। खुर्शीद मलिक ने बताया कि वह इन मसालों का आपूर्तिकर्ता है।
इकाई का निरीक्षण करने पर मिलावटी मसाले यानी हल्दी पाउडर, गरम मसाला पाउडर, अमचूर पाउडर और अन्य कच्चे माल यानी सड़े हुए चावल, सड़े हुए नारियल, नीलगिरी के पत्ते, सड़े हुए जामुन, लकड़ी की धूल, साइट्रिक एसिड, चोकर, सूखी मिर्च के सिर वहां रंग रसायन आदि पाया गया। मौके पर खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम को बुलाया गया और टीम ने यहां पहुंच मिलावटी मसालों के नमूने लिए। आगे की पूछताछ में पता चला कि एक अन्य निर्माण इकाई काली खाता रोड, करावल नगर में भी चल रही है। दोनों की निशानदेही पर वहां छापा मारा गया और सरफराज नाम के व्यक्ति को मिलावटी मसाले बनाते हुए पकडा गया।
करावल नगर निवासी दिलीप सिंह उर्फ बंटी का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ था। अपने परिवार के साथ वर्ष 2004 में वह दिल्ली आ गया और जनरल स्टोर पर काम करने लगा। 2021 में अपने दोस्त के साथ मसाले बनाने की इकाई लगाई और ज्यादा पैसा कमाने के लिए बेकार सामग्री का उपयोग कर मिलावटी मसाले बना कर सदर बाजार, खारी बावली में बेचने का विचार आया। साप्ताहिक बाजर के विक्रेताओं के लिए नवम्बर 2023 में उसने अपनी अलग यूनिट चलाना शुर कर दिया। मुस्तफाबाद निवासी सरफराज ने 2021 में करावल नगर में मसालों की प्रसंस्करण इकाई स्थापित की, लेकिन उससे होने वाली कमई से वह संतुष्ट नहीं था। अंत में, उसने बेकार सामग्री का उपयोग करके मिलावटी मसाले बनाने का फैसला किया और मुस्तफाबाद, खजूरी खास और आसपास के क्षेत्रों के अन्य स्थानीय बाजारों में आपूर्ति की।
लोनी, गाजियाबाद निवासी खुर्शीद मलिक 2013 में दिल्ली आया और कपडे की बिक्री-खरीद का काम शुरू किया। वर्ष 2019 में, उसने टेंपो खरीदा और प्रसंस्करण इकाइयों से खरीदकर दिल्ली और लोनी के स्थानीय बाजारों में मिलावटी मसालों की आपूर्ति शुरू कर दी। पैसे कमाने के लिए वह असली के बदले मिलावटी मसाले खरीद रहा था।




