मिर्जापुर के मुस्लिम ‘कारसेवक’ के घर जब अक्षत लेकर पहुंचे आरएसएस कार्यकर्ता, भर आईं मोहम्मद हबीब की आंखें

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश। मिर्जापुर के रहने वाले मोहम्मद हबीब के घर पर राम मंदिर निर्माण होने के बाद अक्षत निमंत्रण पहुंचा तो वो भावुक हो गए। मिर्जापुर जिले के जमालपुर क्षेत्र के जफराबाद के रहने वाले मोहम्मद हबीब राम मंदिर आंदोलन में शामिल थे। मोहम्मद हबीब 1992 में 50 कार सेवकों के साथ अयोध्या गए हुए थे। राम मंदिर निर्माण के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ता उनके घर जब अक्षत निमंत्रण लेकर उनके घर पहुंचे तो हबीब भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वो भगवान राम का दर्शन करने के लिए बार-बार जाएंगे।
मिर्जापुर जिले के जमालपुर के जफराबाद के रहने वाले मोहम्मद हबीब ने भव्य राम मंदिर बनने का सपना देखा था। सपने को पूरा करने के लिए 2 दिसंबर 1992 को अयोध्या गए थे। वाराणसी के केंट रेलवे स्टेशन से 50 कारसेवकों के साथ अयोध्या गए थे। हबीब उस समय भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष थे।
विहिप नेताओं के सुने थे भाषण
मोहम्मद हबीब ने बताया कि वाराणसी के केंट स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के बाद अयोध्या पहुंचकर वहां पर पांच दिनों तक रुके हुए थे। हम लोगों ने वहां पर विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल और विनय कटियार के भाषण को सुना था। भाषण सुनने के बाद हमसे कहा गया कि हम लोग सरयू तट पर चले जाएं और वहां पर स्नान करके रेत लेकर आएं। हमारे सामने जो टूटा हुआ ढांचा था, वो पूरी तरह से समतल हो गया था। इसके बाद हम लोगों को वापस लौटने के लिए आदेश मिल गए और हम लोग वापस आ गए।
बार-बार दर्शन करने के जाएंगे अयोध्या
मोहम्मद हबीब ने कहा कि जब कभी मौका मिलेगा वो अयोध्या में दर्शन के लिए जाएंगे। एक बार नहीं बल्कि कई बार अयोध्या दर्शन के लिए जाऊंगा। मोहम्मद हबीब ने कहा कि हमारा सपना था कि मंदिर बने। आज मंदिर बन गया है। संघ के कार्यकर्ता आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि मोहम्मद हबीब जिनका अतुलनीय योगदान था, उन्हें अक्षत निमंत्रण दिया है। मंदिर बन जाने के बाद उन्होंने खुशी जाहिर की है।

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