पीएम मोदी के नेतृत्व में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल मानव संसाधन की फौज हुई तैयार

नेशनल डेस्क। जीवन बचाने वाले डॉक्टरों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए हर वर्ष एक जुलाई को ‘राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस’ मनाया जाता है। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सकों के योगदान की सराहना करते हुए ट्वीट किया, “राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर, मैं पूरे डॉक्टर समुदाय के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. यहां तक कि सबसे अभूतपूर्व समय में भी, चिकित्सकों ने उच्चतम स्तर के साहस, निस्वार्थता और दृढ़ता का उदाहरण पेश किया है. उपचार से परे उनका समर्पण हमारे समाज को उम्मीद और मजबूती देता है।”
बता दें कि राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस 1 जुलाई को डॉ. बिधानचंद्र राय के जन्मदिन पर चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है, जो डॉक्टर होने के साथ ही स्वतंत्रता सेनानी भी थे। डॉक्टर डे पर चिकित्सकों के योगदान को स्वीकार और सराहना करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मानवता की रक्षा में जीवन लगाने वाले डॉक्टरों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने कोरोना सहित कई गंभीर बीमारियों की चुनौतियों का समाधान खोजा। डॉ.बी. सी.रॉय की स्मृति में मनाया जाने वाला डॉक्टर्स डे चिकित्सा बिरादरी के लिए सर्वोच्च आदर्शों का प्रतीक है।
कोरोना वायरस महामारी के काल में जहां पीएम मोदी के नेतृत्व में देश ने इस चुनौती से लड़ाई की, वहीं उनके निर्देश पर कई मंत्रालयों ने इस घातक बीमारी से हर स्तर पर लड़ने और जीतने के लिए रणनीति तैयार की। कोरोना काल में विकसित देश कोरोना के बढ़ते प्रकोप और अनियंत्रित स्थिति से परेशान थे वहीं भारत में कोरोना नियंत्रण की स्थिति में रहा। कोरोना से लड़ने के लिए देश में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की फौज तैयार की गई और उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए खास ट्रेनिंग दी गई।
इस घातक बीमारी से निपटने के लिए डॉक्टरों ने जान की परवाह किए बिना रात दिन मरीजों की सेवा में गुजारे। वहीं सरकार ने भी इस दिशा में कदम उठाते हुए स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रतिबद्धता दिखाई है। सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्टर में बढ़ोतरी के साथ देशवासियों तक किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की है। भारत का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे नागरिकों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चिक करा रहा है।
आजादी के बाद 70 वर्षों तक देश में सरकारी और निजी अस्पतालों को मिलाकर जहां महज 47 हजार वेंटिलेटर थे वहीं कोरोना काल के दौरान पीएम केयर फंड से 50 हजार नए वेंटिलेटर देश भर के सरकारी अस्पतालों में लगे जिससे कई मरीजों की जान बची। इस दौरान मरीजों के लिए 18 लाख आइसोलेशन बेड, ढाई लाख से अधिक ऑक्सीजन बेड, लगभग 70 हजार आईसीयू बेड तैयार किए गए। कोरोना के दौरान ही पीएम केयर फंड से के सभी जिलों में 1225 पीएसए प्लांट जबकि केंद्र सरकार के पीएसयू के माध्यम से 238 पीएसए प्लांट लगाए गए। इसके जरिए से जिला और ब्लॉक स्तर पर कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की गई जिसकी उस समय सबसे अधिक जरुरत थी।
पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कोविड बीमारी से निपटने और टीका के इजाद के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। इसका नतीजा यह हुआ कि भारत विश्व के उन चुनिंदा देशों में शामिल हुआ जिसने कोविड से बचाव के लिए सबसे पहले वैक्सीन तैयार की। सिर्फ यही नहीं पीएम मोदी के बीते नौ वर्षों के कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी उन्नति हुई है। मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना लागू की जिसमें 23 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बने। इस योजना के तहत 4.25 करोड़ से अधिक मरीजों का इलाज किया गया है। इन मरीजों के इलाज पर केंद्र सरकार ने 50,277 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। आयुष्मान भारत के तहत 26,054 अस्पताल पंजीकृत हुए है। इस योजना के तहत 1949 तरह की बीमारियों का इलाज अस्पतालों में जनता को मिल रहा है।
केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बढ़ाई बुनियादी सुविधाएं
– देश में 15 नए एम्स अस्पताल बने है। देश में अब एम्स अस्पतालों की कुल संख्या बढ़कर 22 हो गई है।
– देश भर में जनता के लिए 9400 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए हैं जहा 1800 से अधिक जेनरिक दवाइयां उपलब्ध है।
– आम जनता ने जन औषधि केंद्रों से दवाइयां खरीदकर लगभग 23000 करोड़ रुपये की बचत की है।
– केंद्र सरकार ने नौ वर्ष के कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेजों की संख्या को 648 तक पहुचाया है, जो 67 फीसदी अधिक है।
– देश में 310 आयुष अस्पताल और 4,903 आयुष औषधालयों को अपग्रेड किया गया।
– केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बजट को बढ़ाया है। वर्ष 2022-23 में ये बजट 2,663 करोड़ रुपये हो गया है जो 2014 में 1017.67 करोड़ था।




