युवाओं को भारतीय संस्कृति से कराया रूबरू, 15 दिवसीय कार्यशाला ‘सृजन’ का हुआ समापन

नोएडा ब्यूरो। अंजना वेलफेयर सोसाइटी, लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार) के सहयोग से 15 दिन की कार्यशाला ‘सृजन’ का समापन किया गया। कार्यशाला में नृत्य, संगीत एवं योग का प्रशिक्षण दिया गया। यह कार्यशालाएं पंचशील बालक इंटर कॉलेज नोएडा में पांच जून से 20 जून तक आयोजित की गई थी। कार्यशाला में नृत्य, संगीत एवं योग का प्रशिक्षण दिया गया।
यह कार्यशाला सभी वर्गों के लिए निशुल्क थी। जिससे उन्हें भारतीय कला संस्कृति को जानने पहचानने और इसमें भविष्य बनाने का अवसर मिला। अंजना वेलफेयर सोसायटी की सचिव कथक नृत्यांगना माया कुलश्रेष्ठ ने कहा कि हम यह कार्यशाला समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर करते रहते हैं। इसका उद्देश्य कि समाज के हर वर्ग तक भारतीय संस्कृति एवं उसके ज्ञान को आने वाले युवाओं में बांट सकें। युवा भारतीय कला के माध्यम से खुद को संवार सकते हैं। उसके बाद मंचीय अवसर, सरकार द्वारा दी जाने वाली मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर की स्कॉलरशिप के माध्यम से खुद को संवारने का मौका दिया जाएगा।
अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि बच्चों में सृजन की असीम क्षमता होती है। हम संस्था के माध्यम से पिछले 10 सालो में 500 से अधिक आयोजन कर चुके हैं। जब हम इन कार्यशाला में ऐसे छात्रों को सिखा कर मंच देने की कोशिश करते हैं, तब एहसास होता है कि इस तरह की और सार्थक कोशिशें की जानी चाहिए। क्योंकि तभी युवा जीवन में अनुशासित होता है और साथ ही साथ भारतीय कला संस्कृति के महत्व को जानकर वह खुद को सवारने की कोशिश भी करता है। इस तरह की कार्यशाला है एक सशक्त भारतीय युवा बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रखती हैं।
अतुल द्विवेदी निदेशक लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान ने कहा कि हमारा उद्देश्य हर बच्चे को हमारी भारतीय कला एवं संस्कृति से अवगत कराने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यशालाओ का आयोजन पूरे उत्तर प्रदेश में लोक जनजाति विभाग एवं उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से हम कर रहे हैं। हमें खुशी है कि नोएडा में भी अंजना वेलफेयर सोसाइटी के माध्यम से लोगों में एक भारतीय कला संस्कृति से जुड़ने का अवसर पाया और साथ ही साथ खुद का विकास किया।
इस मौके पर प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार नीरज गुप्ता ने कहा कि अंजना वेलफेयर सोसाइटी से मैं जुड़ा हुआ हूं और मैं महसूस करता हूं कि इस तरह की जमीनी स्तर से जुड़े हुए कामों की बहुत जरूरत है। यह बच्चे संसाधनों के अभाव में अपने अंदर की छुपी प्रतिभाओं को नहीं निकाल पाते हैं। अगर इस तरह की कार्यशाला होती है तो भारत का युवा कभी भी कोई भी गलत रास्ता नहीं अपनाएगा।
डॉक्टर नीरज टंडन प्रधानाध्यापक पंचशील बालक इंटर कॉलेज ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से भी चाहता हूं कि बच्चों को न्यू एजुकेशन पॉलिसी के अंतर्गत अधिक से अधिक स्किल डेवलपमेंट के मौके मिले। पर संसाधनों के अभाव में कहीं ना कहीं कुछ संभावनाएं कम होती हैं। ऐसे में अंजना वेलफेयर सोसाइटी का इस तरह का कदम लेना सराहनीय है और यह बच्चों के संपूर्ण विकास में सहयोग देता है क्योंकि इसके माध्यम से बच्चों की प्रतिभा निकलती है। सीए अतुल अग्रवाल कहते हैं कि अंजना वेलफेयर नोएडा में इस तरह के कार्यक्रम कर भारतीय कला संस्कृति को युवाओं तक पहुंचाने का काम किया गया। इसका उद्देश है एक अच्छी पहल है जो की सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लाभप्रद है।
इस अवसर पर रोटरी क्लब नोएडा सेंट्रल ने भी अंजना वेलफेयर सोसाइटी एवं उनके शिक्षकों का सम्मान किया। छात्रों ने कार्यक्रम की शुरुआत संगीत से की। जिसमें उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं पर आधारित लोक गायन को गाया। कार्यक्रम को सहयोग इंडियन ऑयल और एनटीपीसी ने दिया।




