गाजियाबाद में पेट्रोल पंप मालिक के भतीजे से आठ लाख की लूट की सूचना निकली झूठी

गाजियाबाद ब्यूरो। राजेंद्र नगर सेक्टर-दो में शनिवार सुबह पेट्रोल पंप के मालिक के भतीजे विक्रांत प्रताप सिंह से दिनदहाड़े बदमाशों द्वारा 7.65 लाख रुपये लूटने की सूचना झूठी निकली। खबर मिलने के बाद डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन, एसीपी साहिबाबाद, एसीपी शालीमार गार्डन और दो थानों की पुलिस के अलावा एसओजी टीम घटना की जांच में जुट गईं। करीब सात घंटे की जांच में पुलिस ने सीन री-क्रिएट कराकर सीसीटीवी फुटेज देखी। उसमें विक्रांत से हुई घटना का कोई सुराग नहीं मिला। जांच और साइंटिफिक सबूतों के आधार पर लूट की सूचना झूठी निकली।
राजेंद्रनगर सेक्टर-दो निवासी विक्रांत प्रताप सिंह के पिता इंजीनियर हैं। विक्रांत शक्तिखंड में अपने ताऊ के पेट्रोल पंप पर काम करता है। उसने सूचना दी कि शनिवार सुबह वह सफेद रंग की गाड़ी से सेक्टर-पांच के निजी बैंक में पेट्रोल पंप के 7.65 लाख रुपये जमा करने जा रहा था। घर से निकलते ही सोसायटी के गेट पर पहुंचा तो अचानक पीछे से नीले और काले रंग की बाइक व सफेद रंग की गाड़ी में सवार बदमाश वहां पहुंचे। बाइक सवार बदमाश ने उसकी गाड़ी रोकी और गलत साइड में ड्राइविंग पर बहस करने लगा। वह कुछ समझता कि बदमाश उसका रुपयों से भरा बैग छीनकर अलग-अलग दिशा में भाग गए। घटना के बाद उसने सबसे पहले अपनी दादी को सूचना दी। इसके बाद वह घर पहुंचा और पुलिस को डायल-112 पर लूट की सूचना दे दी।
डीसीपी, एसीपी और दो थानों की पुलिस ने की जांच, दोहराया गया सीन
दिनदहाड़े लूट की जांच करने डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। घटना की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए अधिकारियों ने विक्रांत को साथ लेकर घटना का सीन दोहराया गया। उसमें विक्रांत की कहानी और घटनास्थल पर सीसीटीवी फुटेज मेल नहीं खाई। साइंटिफिक एविडेंस और पूरी जांच के बाद डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन ने इसे झूठी सूचना बताया।
घटनास्थल पर किसी स्थानीय निवासियों ने नहीं देखी घटना
जांच में आया कि घटना को किसी स्थानीय निवासी ने नहीं देखा था। राजेंद्रनगर सेक्टर-दो में जिस जगह घटना हुई, वहां लोगों का आवागमन दिन में कम नजर आया। विक्रांत से घटना की तहरीर देने के लिए कहा लेकिन जैसे-जैसे वह अपनी कहानी फंसता गया। उसने घर जाकर भी शिकायत नहीं दी। परिजनों ने पुलिस को तर्क दिया कि विक्रांत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। उसका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
झूठी सूचना देने पर क्या हैं कार्रवाई के नियम
झूठी सूचना देने वाले पर कार्रवाई के लिए पुलिस के पास कई अधिकार हैं। सबसे पहले पुलिस सूचना देने वाले का धारा 151 में चालान कर जेल भेज सकती है। दूसरा आईपीसी की धारा 177 के तहत झूठी सूचना देना एक अपराध है। इसमें आरोपी पर छह माह की कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। पुलिस के पास सेविंग क्रिमिनल लॉ की भी पावर है। डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र का कहना है कि पुलिस कंट्रोल रूम पर लूट की झूठी सूचना दी गई थी। सूचना देने वाले युवक ने मानसिक दबाव में ऐसा किया था। वो पैसे लेकर घर निकला था या नहीं। सभी तथ्यों पर जांच चल रही है। इस मामले में तहरीर नहीं मिली और मुकदमा भी नहीं हुआ।




