नागपुर एम्स को मिली एनएबीएच से मान्यता, देश का बना पहला अस्पताल

नागपुर,(एजेंसी)। नागपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त करने वाला देश का पहला अस्पताल बन गया है। उनके कार्यों को संज्ञान में लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स अस्पताल, नागपुर की टीम को बधाई दी।
एनएबीएच द्वारा प्रत्यायन अस्पताल के लिए एक महत्वपूर्ण मान्यता है और उच्च गुणवत्ता वाले रोगी देखभाल और सुरक्षा प्रदान करने के लिए अस्पताल की प्रतिबद्धता एक प्रमाण है। एनएबीएच प्रत्यायन स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता के लिए विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त है। यह सम्मान मिलना किसी भी अस्पताल के लिए बड़े सम्मान की बात मानी जाती है।
एनएबीएच की मान्यता प्रक्रिया कठोर और व्यापक है। यह रोगी देखभाल, सुरक्षा और संगठनात्मकता, दक्षता सहित विभिन्न क्षेत्रों में अस्पताल के प्रदर्शन का आकलन करता है। एम्स अस्पताल, नागपुर ने इन सभी मापदंडों में उत्कृष्टता के लिए अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन करके यह मान्यता अर्जित की है। एम्स अस्पताल ने एनएबीएच मान्यता प्राप्त कर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
‘एम्स’ नागपुर के बारे में ट्वीट साझा करते हुए प्रधानमंत्री श्री. मोदी ने अस्पताल को इस उल्लेखनीय कार्या करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, “इस उपलब्धि के लिए एम्स नागपुर टीम को बधाई, जिसने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक मानदंड स्थापित किया है।” इस अस्पताल का उद्घाटन प्रधान मंत्री श्री. मोदी ने दिसंबर 2022 में किया था।
अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड भारतीय गुणवत्ता परिषद का एक घटक है। यह स्वास्थ्य सेवा संस्थानों को मान्यता देने और विनियमित करने के लिए स्थापित किया गया है। एनएबीएच बोर्ड का कामकाज स्वायत्त है। यह संस्था स्वास्थ्य सुविधाओं की पहचान के साथ-साथ उत्कृष्ट नर्सों के विकास को बढ़ावा देती है। प्रयोगशाला प्रमाणन गतिविधियों का संचालन करता है, शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यशालाओं का संचालन करता है, गुणवत्ता और रोगी सुरक्षा के लिए व्याख्यान आयोजित करता है।

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