एनआईए ने बड़ी आतंकी साजिश को किया नाकाम, जम्मू-कश्मीर में G20 बैठक से पहले जैश ए मोहम्मद का आतंकी गिरफ्तार

जम्मू,(एजेंसी)। जम्मू कश्मीर में एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है। इस आतंकी साजिश को सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी मुस्तैदी के कारण नाकाम किया गया है। एनआईए ने इसी कड़ी में जैश ए मोहम्मद के एक आतंकी को गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान मोहम्मद उबैद मलिक के तौर पर हुई है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान में बैठे जैश ए मोहम्मद के कमांडर से उबैद लगातार संपर्क साधे हुए था। इस गिरफ्तारी से साफ है कि भारत को लगातार अस्थितर किए जाने के प्रयास पाकिस्तान में बैठे आतंकी कर रहे है। एनआईए भी लगातार पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करने की कोशिश में जुटी हुई है। गिरफ्तार किए गए आतंकवादी के संबंध में जानकारी है कि पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से उसका लगातार संपर्क बना हुआ था। वो वहां पर गुप्त सूचना, सैनिकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के संबंध में जानकारियां साझा कर रहा था। वहीं एनआईए की टीम को आरोपी के पास से आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कई दस्तावेज भी बरामद हुए है।

इन दस्तावेजों से साफ है कि आरोपी की आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता थी। एनआईए को कई नशीले पदार्थों, नकदी, हथियारों, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस आदि भी बरामद हुआ है। टीम ने सभी सामग्री को कब्जे में ले लिया है। एनआईए की टीम का कहना है कि आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए आईईडी और विस्फोटकों की खेप ड्रोन के जरिए भेजने का काम पाकिस्तान की तरफ से किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर भी इन्हें बरामद किया जा रहा है। गौरतलब है कि हमलों से अल्पसंख्यकों और सुरक्षा बलों के जवानों पर निशाना साधा जाता है।

 अलर्ट मोड पर सुरक्षा एजेंसियां

जम्मू कश्मीर में जैसे ही बड़े हमले की संभावना सामने आई है सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड पर आ गई है। गौरतलब है कि श्रीनगर में सोमवार से शुरू हो रही जी 20 की बैठक सुरक्षित तरीके से सम्पन्न कराने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की ड्रोन-रोधी टीम आसमान से नजर रखे हुए हैं, मरीन कमांडो डल झील में गश्त कर रहे हैं और सुरक्षाकर्मी जमीन पर निगरानी रखे हुए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी। आतंकवाद प्रभावित जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में तीसरी जी20 पर्यटन कार्य समूह की बैठक के लिए विस्तृत व्यवस्था की है। इसके लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कम से कम 60 प्रतिनिधि और 20 पत्रकार आने वाले हैं। अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त होने और तत्कालीन राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित किये जाने के बाद कश्मीर में यह पहली अंतरराष्ट्रीय बैठक हो रही है।

सुरक्षा तैयारियों से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘‘मार्कोस टीम जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ की नदी शाखा के कर्मियों के साथ डल झील में गश्त करेगी, क्योंकि कन्वेंशन सेंटर झील के किनारे स्थित है।’’ नौसेना के समुद्री कमांडो, या मार्कोस 1990 के दशक के मध्य से नियंत्रण रेखा से किसी भी घुसपैठ को रोकने के लिए घाटी में वूलर झील पर तैनात हैं, क्योंकि आतंकवादी झील का उपयोग भीतरी इलाकों में प्रवेश करने के लिए कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि गुलमर्ग का प्रस्तावित दौरा समय की कमी को देखते हुए रद्द करना पड़ा। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि बुधवार को कश्मीर घाटी से रवाना होने से पहले पुनर्निर्मित पोलो व्यू मार्केट की सैर करने के अलावा परी महल, चश्माशाई और अन्य मुगल उद्यानों का दौरा करेंगे। पर्यटन पर पहली कार्यकारी समूह की बैठक फरवरी में गुजरात के कच्छ के रण में और दूसरी अप्रैल में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित की गई थी।

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