पुलिस हिरासत में ऑटो चालक की मौत, चौकी इंचार्ज व तीन सिपाहियों पर एफआईआर

गाजियाबाद ब्यूरो। इंदिरापुरम के अहिंसाखंड-2 में रविवार की रात पुलिस हिरासत में लिए गए ऑटो चालक धर्मपाल (28) की मौत हो जाने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ऑटो की टक्कर से दो लोगों के घायल हो जाने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सीआईएसएफ रोड पर सोमवार को सुबह से शाम तक कई बार हंगामा किया। पुलिसवालों पर कार्रवाई की मांग करते हुए सड़क जाम कर दी। निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही शांत हुए। शाम को पुलिसवालों के खिलाफ केस दर्ज हो गया। वहीं, अखिलेश यादव ने इस मामले को शर्मनाक बताया है और मृतक के परिजनों को एक करोड़ मुआवजे की मांग की है। अखिलेश ने कहा कि यूपी पुलिस निर्दोषों की हत्या कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, ऑटो चालक धर्मपाल रविवार रात करीब 10 बजे धर्मपाल कनावनी पुस्ते से घर लौट रहा था। उसके चचेरे भाई मुरारी ने बताया कि अहिंसाखंड-2 में अचानक साइकिल सवार दो लोग ऑटो से टकरा गए। पुलिस घायलों के साथ धर्मपाल को भी अस्पताल ले गई। अस्पताल से दोनों युवक घर चले गए। पुलिस धर्मपाल को अपने साथ कनावनी चौकी ले गई। धर्मपाल के परिवार के सदस्य संतोष ने बताया कि रात करीब 11 बजे एक पुलिसकर्मी ने फोन कर चौकी आने के लिए कहा। कुछ देर बाद धर्मपाल ने फोन कर बताया कि पुलिसकर्मी उसे पीट रहे हैं। इस पर संतोष ने जल्द चौकी पहुंचने की बात कही। कुछ देर में परिवार के अन्य सदस्य चौकी पहुंच गए। चचेरे भाई मुरारी का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि धर्मपाल को इंदिरापुरम कोतवाली भेजेंगे लेकिन रात डेढ़ बजे अचानक उसे छोड़ दिया।

चौकी से बाहर निकलकर धर्मपाल ने उससे बताया कि अचानक सीने में उठे दर्द से तबीयत बिगड़ रही है। वे उसे लेकर शांति गोपाल अस्पताल भेज दिया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने धर्मपाल की जमकर पिटाई की, जिससे उसकी मौत हुई है। सोमवार सुबह लोगों के एकत्रित होने की सूचना पर इंदिरापुरम पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की बात कही लेकिन परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया।
ऑटो चालक की मौत के बाद यूनियन के लोग भी अपने-अपने वाहनों को लेकर पहुंच गए। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पहुंचे चालकों ने सुबज आठ बजे सड़क पर ऑटो लगाकर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर कौशांबी, साहिबाबाद और लिंकरोड थाने से पुलिस फोर्स बुलाया गया। दोपहर करीब ढाई बजे डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि, गुस्साए लोगों ने पुलिस की नहीं सुनी और प्रदर्शन जारी रखा। शाम करीब छह बजे के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा
डीसीपी ट्रांस हिंडन डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि चालक धर्मपाल के ऑटो से साइकिल सवार टक्कर लगने से चोटिल हो गए थे। अस्पताल में चेकअप कराने के बाद दोनों युवक चले गए थे। चालक के परिजनों को बुलाकर उसे भी सुपुर्द कर दिया था। उसके साथ मारपीट के आरोप बेबुनियाद हैं। युवक को रात करीब साढ़े 11 बजे छोड़ दिया गया था।

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