दिल्ली में सरकार द्वारा एक और प्राचीन मंदिर को तोड़ने की साजिश

विजय लक्ष्मी पांडे,(दिल्ली ब्यूरो)। देश की राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ चुनावी माहौल है। 4 दिसंबर को हुए नगर निगम के चुनाव में सभी उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीनों में बंद हो गई है। चुनाव के समय में सभी राजनेताओं द्वारा जनता को बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाए गए हैं। दिल्ली की केजरीवाल सरकार भी इस चुनावी माहौल में अचानक हिंदू समर्थक कैसे हो गई लोगों के मन में यह सवाल उमड़ रहा था। जबकि दूसरी तरफ दिल्ली सरकार द्वारा आईटीओ मेट्रो स्टेशन के पास बने एक प्राचीन शिव मंदिर को तोड़ने की साजिश की जा रही है। जिससे कि साफ होता है की सरकारें एक तरफ तो ईश्वर की भक्ति का ढोंग कर रही है और दूसरी और साजिश के तहत मंदिर तोड़ने का काम कर रही है। सबसे बड़े आश्चर्य की बात यह है कि मंदिर के बगल में बनी मस्जिद को ना तो कोई नोटिस दिया गया है और ना ही उसे हटाने का कोई आदेश जारी किया गया। सवाल यह भी है कि आखिर मंदिर अवैध है तो मस्जिद कैसे वैध हो सकती है। सरकार की यह मानसिकता साफ तौर पर इशारा कर रही है कि मौजूदा दिल्ली सरकार हिंदू विरोधी है। इसका एक उदाहरण हम पहले भी देख चुके हैं। ऐसे ही एक साजिश के तहत दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में हनुमान मंदिर को दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा तोड़ दिया गया था। उस समय भी मंदिर तोड़े जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन व केजरीवाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। दिल्ली में जहां एक तरफ मस्जिद के मौलानाओं को बाकायदा सरकारी सैलरी एवं अन्य सुविधाएं भी दी जा रही है वहीं दूसरी ओर मंदिरों को तोड़ने की साजिश की जा रही है। जो कि दिल्ली की केजरीवाल सरकार के हिंदू विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

आश्चर्य की बात यह है कि मंदिर पर एक बैनर लगा हुआ है जिस पर लिखा है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल एवं केंद्र सरकार गृह मंत्रालय से तोड़ने का आदेश जारी किया गया है। अब इसी साजिश के तहत आईटीओ मेट्रो स्टेशन के पास बहादुर शाह जफर मार्ग पर बने प्राचीन ऐतिहासिक शिव मंदिर को भी तोड़ने की साजिश की जा रही है। परिपूर्ण न्यूज़ की दिल्ली ब्यूरो टीम के द्वारा मौके पर जाकर इस मामले की छान-बीन की। परिपूर्ण न्यूज़ की दिल्ली ब्यूरो चीफ विजय लक्ष्मी पांडे ने बताया कि केजरीवाल सरकार के इस आदेश एवं दोहरे रवैए पर कई हिंदू संगठनों एवं समाज सेवियो ने नाराजगी जाहिर की है। सभी का कहना है कि अगर जल्द ही मंदिर तोड़ने का आदेश वापस नहीं लिया गया तो हिंदू समाज द्वारा एक बहुत बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब देखना यह है कि क्या केजरीवाल सरकार के कान पर जूं रहती है अथवा चांदनी चौक वाले हनुमान मंदिर की तरह ही इस प्राचीन शिव मंदिर को भी साजिश के तहत तोड़ दिया जाएगा। आखिर कब तक हिंदू समाज की आस्था पर दिल्ली सरकार द्वारा प्रहार किया जाता रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button