इलाज के नाम पर हिंदू महिला से चार साल तक पढ़वायी नमाज, दुष्कर्म करने का किया प्रयास

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के नंदग्राम क्षेत्र की एक महिला के साथ झाड़-फूंक से इलाज करने के नाम पर जाल में फंसा कर ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीमारी को ठीक करने के लिए मौलवी ने चार साल तक अपने घर बुलाकर हिंदू रीति-रिवाजों से पूजा पाठ करने से मना किया और मुस्लिम रीति-रिवाज से प्रार्थना कराई। इसके लिए मौलवी ने कई बार में विभिन्न खर्चों के नाम पर करीब 10 लाख रुपए ठग लिए। बीमारी में जब कोई आराम नहीं मिला तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने मामले की शिकायत एसएसपी से कर रिपोर्ट दर्ज कराई है। महिला कई वर्षों से दाई का काम कर रही हैं। महिला ने बताया उन्हें गले में बीमारी हो गई थी। जिसके इलाज के लिए उन्होंने डॉक्टरों की यहां काफी चक्कर काटे लेकिन कोई आराम नहीं मिला। उनके एक परिचित ने मोरटा के रहने वाले मौलवी सरफराज के बारे में बताया और बीमारी ठीक होने का आश्वासन दिया। वह जब उस मौलवी के पास गईं तो मौलवी ने उनसे घर में से मंदिर को बाहर रख नमाज पढ़ने और अगरबत्ती जलाने के लिए कहा।आरोप है कि मौलवी ऐसा उनसे चार साल तक कराता रहा।
आरोप है कि इस बीच उसने गलत काम करने का भी प्रयास किया, लेकिन बदनामी के डर से उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताई। मधुबन बापूधाम थाना प्रभारी मुनेश कुमार ने बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच की जा रही है। जांच के बाद पर अभी कार्रवाई की जाएगी।महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि मौलवी ने इलाज के नाम पर उनसे हिंदू रीति-रिवाजों को छोड़कर विशेष समुदाय के रीति-रिवाजों को अपनाने का दबाव बनाया। वे बीमारी ठीक कराने के लिए जब ऐसा करने लगी तो मौलवी ने इसी धर्म के अनुसार सभी चीजें करने को कहा नहीं करने पर सब कुछ बर्बाद होने की बात कही। इसी डर से उसके कहे अनुसार वह सब करती रहीं।महिला का आरोप है कि इसकी शिकायत उसने पुलिस से की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। एसएसपी से शिकायत करने के बाद भी मामले में भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई कराने की मांग की है।




