मथुरा में मामा कंस के 5500 साल पुराने किले का होगा कायाकल्प, 6 करोड़ रुपये होंगे खर्च, दिखेंगी श्रीकृष्ण की लीलाएं

मथुरा/उत्तर प्रदेश। भगवान श्रीकृष्ण के मामा कंस का महल आज भी कृष्ण कालीन युग की यादों को संजोए हुए है। यमुना किनारे उतरी दिशा में बना कंस किले में अब कृष्ण लीलाएं जीवंत होंगी। यहां 6 करोड़ रुपये खर्च कर लाइट एंड साउंड शो की व्यवस्था की जाएगी। श्रीकृष्ण के मामा कंस के 5500 साल पुराने किले को भी पर्यटन केंद्र के तौर पर पहचान दिलाई जाएगी। इस क्रम में आने वाले दिनों में यहां पर्यटक लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को देख सकेंगे।
इसके लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की कार्ययोजना को शासन ने स्वीकृत कर लिया है। तीर्थ विकास परिषद के डिप्टी सीईओ जेपी पांडेय ने बताया कि कंस किले पर लाइट एंड साउंड शो की योजना को स्वीकृति मिल गई है। कार्यदायी संस्था मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन और बरसाना जैसे तीर्थ स्थलों पर तेजी से पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इसे देखते हुए मथुरा काफी पिछड़ गया है। इससे शहरी विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। अभी लोग केवल श्रीकृष्ण जन्मभूमि और द्वारिकाधीश मंदिर या फिर यमुना जी के दर्शन के लिए ही आते हैं, लेकिन इनकी संख्या ब्रज के अन्य स्थानों के मुकाबले बहुत कम है। ऐसे में लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से मथुरा में भी पर्यटकों के बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण की कथा में कंस की वही नकारात्मक भूमिका है, जो भगवान श्रीराम की कथा में रावण की।
मथुरा में बना कंस का किला लगभग 5500 साल पुराना बताया जाता है। कालांतर में रखरखाव के अभाव में इसकी दुर्दशा हो रही है। मथुरा परिक्रमा मार्ग को छोड़ दिया जाये, तो आम आदमी कंस किले को लेकर उत्साहित या जिज्ञासु नहीं रहता। ऐसे में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास ने कंस किले को आकर्षण का बनाने के लिए 6 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना तैयार की। इसके तहत कंस किले की दीवारों पर लाइट एंड साउंड शो के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इस परियोजना का प्रस्ताव शासन को भेज था, जिसे स्वीकृत कर लिया है।




