राष्ट्रपति ने गुजरात की उद्यमिता-नमोन्मेष संस्कृति को सराहा, 1330 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू कीं

गांधीनगर,(गुजरात)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को गुजरात में 1330 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा राज्य के लोगों की उद्यमिता की भावना की सराहना की। राज्य के लोगों की उद्यमिता और नवोन्मेष की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि इन लोगों ने विश्व में देश की एक खास पहचान बनाई है। राष्ट्रपति बनने के बाद मुर्मू का यह पहला गुजरात दौरा है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘गुजरात के प्रगतिशील उद्यमियों ने गुजरात और भारत की विश्व में विशेष पहचान बनाई है। विकास के लिहाज से गुजरात देश का एक अग्रणी राज्य है। गुजरात के लोगों के पास उद्यमिता और नवोन्मेष की संस्कृति है।’’

वह जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज एवं सामान्य अस्पताल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं जिसमें राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल शामिल हुए। राष्ट्रपति ने गांधीनगर स्थित गुजरात मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सोसायटी (जीएमईआरएस) में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और नर्मदा जिले में एक नए जीएमईआरएस मेडिकल कॉलेज एंव अस्पताल का शिलान्यास किया। नर्मदा के लोगों को 540 बिस्तर वाले इस अत्याधुनिक अस्पताल से चिकित्सा सुविधा हासिल करने में बहुत राहत मिलेगी, जहां की 85 फीसदी आबादी जनजातीय समुदाय की है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि जीएमईआरएस अस्पताल जन कल्याण में प्रभावी भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुजरात की सफलता की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह पहला राज्य है जिसने गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य कार्ड जारी किया और अब तक 12 करोड़ से अधिक कोविड रोधी टीके लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का ‘‘परांपरागत दवाओं का वैश्विक केंद्र’’ गुजरात के जामनगर शहर में आ रहा है जो भारत में लंबे समय से प्रचलित दवाओं के ज्ञान को दुनियाभर में प्रसारित करने में मदद करेगा।

मुर्मू ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में राज्यपाल देवव्रत के योगदान की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘गुजरात में देश की करीब पांच फीसदी आबादी रहती है, लेकिन यहां के किसान राष्ट्रीय कृषि उत्पाद में करीब 20 फीसदी योगदान करते हैं। कृषि विकास के लिए गुजरात में किए गए सफल प्रयोग देशभर में अपनाए जा रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना के तहत 63 हजार किलोमीटर के नहर नेटवर्क से कई लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। पेयजल के उन्नत स्रोत का लक्ष्य शत प्रतिशत हासिल करने के लिए भी राष्ट्रपति ने गुजरात की तारीफ की। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के मिश्रित जल प्रबंधन सूचकांक के मुताबिक गुजरात जल प्रबंधन के मामले में पिछले तीन साल से लगातार पहले स्थान पर है।

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