जिनका दांत भी करोड़ों में बिकता है, वो स्पर्म व्हेल ऑस्ट्रेलिया के तट पर मरी मिलीं

होबार्ट,(एजेंसी)। ऑस्ट्रेलिया के तस्मानिया में 14 स्पर्म व्हेल की मौत हो गई है। सोमवार दोपहर किंग द्वीप पर उस समय इस हादसे के बारे में जानकारी मिली जब कुछ लोग उस समय वहां पर पहुंचे थे। किंग द्वीप, मेलबर्न और तस्मानिया के उत्तरी तट के बीच में स्थित बास स्ट्रैट का हिस्सा है। स्पर्म व्हेल को दुनिया की दुर्लभ प्रजाति माना जाता है और दांत जैसा इसके शरीर का छोटा सा हिस्सा भी करोड़ों में बिकता है। इस समय दुनिया में करीब तीन लाख स्पर्म व्हेल ही बची हैं। इसलिए पूरी दुनिया इन्हें बचाने की कोशिशों में लगी हुई है।
मंगलवार को तस्मानिया के प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण विभाग की तरफ से एक रेस्क्यू टीम को वहां भेजा गया। बताया जा रहा है कि स्पर्म व्हेल तट पर फंस गई थीं और इस वजह से इनकी मौत हो गई। ये सभी युवा स्पर्म व्हेल हैं और नर हैं। वन्यजीव जीव विज्ञानी और डॉक्टर अब इस द्वीप की तरफ पहुंच रहे हैं ताकि वो इस मामले की पड़ताल कर सकें। इससे अलग पार्क और वन्यजीव सेवा स्टाफ की तरफ से हालात पर नजर रखी जा रही है।
विभाग की प्रवक्ता की तरफ से बताया गया है कि ये सभी व्हेल एक ही ग्रुप में एक साथ थे और अपनी मां को छोड़ चुके थे। आम लोगों को अक्सर ही यह बताया जाता है कि वन्य जीवों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ करना या फिर उनकी जिंदगी में दखल देना गैरकानूनी है जिसमें मृत व्हेल को हासिल करना भी शामिल है। उनसे हमेशा इन व्हेल से दूरी बनाकर रखने को कहा जाता है।

विभाग की मानें तो स्पर्म व्हेल का इस जगह पर आना एक असाधारण घटना है। यह व्हेल यहां पर नजर आईं जोकि काफी असामान्य बात है। एक हवाई सर्वे के बाद इस बात का पता लगाया जा सकेगा कि यहां पर कोई और व्हेल तो नहीं है। विभाग ने सर्फर्स और तैराकों को इस इलाके से दूर रहने के लिए कहा है। उनका कहना है कि इस समय तैराकी करने से शार्क का हमला हो सकता है।
अभी दो साल पहले ही तस्मानिया के पश्चिमी तट पर इसी तरह से 470 पायलट व्हेल फंसी हुई पाई गई थीं। उस घटना को अब तक की सबसे बड़ी घटना करार दिया गया था जिसमें इतनी व्हेल मारी गई थीं। एक हफ्ते तक चले बचाव अभियान के बाद 111 व्हेल्स को बचाया जा सका था और 350 व्हेल्स की मौत हो गई थी।




