एसयूवी के लिए भारतीयों की दीवानगी बढ़ी, जुलाई में कार कंपनियों ने की रिकॉर्ड बिक्री

नयी दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में महंगाई को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है। इस दौरान मंदी का भी कई बार जिक्र किया गया। इस विषय को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष तरह-तरह के दावे कर रहे हैं। लेकिन आज हम आप संसद में हुई चर्चा के विषय पर नहीं बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती की जानकारी देंगे। आपको बता दें कि अमेरिका समेत दुनियाभर में मंदी की चिंताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए कई सकारात्मक खबरें हैं। शेयर बाजार वापस से मजबूत हो रहा है तो कारों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है।

भारतीय बाजार में एसयूवी की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने नई स्कॉर्पियो-एन की बुकिंग जैसे ही शुरू की उसके एक मिनट के भीतर ही 25,000 से ज्यादा लोगों ने बुकिंग की। जबकि आधा घंटे में आंकड़ा एक लाख के पार चला गया। अगर हम कार और एसयूवी दोनों को मिला दें तो जुलाई में ऑटोमोबाइल कंपनियों ने रिकॉर्ड बिक्री की है।

एसयूवी की मांग में भारी उछाल के साथ-साथ उद्योग ने जुलाई में 3.42 लाख डिलीवरीज के साथ अधिकत्तम आंकड़ा हासिल किया। इससे पहले अक्टूबर 2020 में कोरोना महामारी से बाहर निकलने के बाद ऑटोमोबाइल सेक्टर ने रिकॉर्ड 3.34 लाख इकाइयों का उच्चतम स्कोर हासिल किया था, जिसे जुलाई 2022 में पीछे छोड़ दिया गया।

एसयूवी के प्रति भारतीयों की दीवानगी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में बीते पांच साल में 36 एसयूवी मॉडल भारतीय बाजार में उतारे गए हैं। एसयूवी का क्रेज इतना ज्यादा है कि कुछ सबसे ज्यादा लोकप्रिय मॉडल पाने के लिए लोगों को दो साल तक का इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि इसके बाद भी ऑर्डर मिलते जा रहे हैं। कार खरीदार वाहनों पर ज्यादा खर्च करने को तैयार हैं और वाहन के टॉप मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल नई स्कॉर्पियो-एन के लिए भी देखा जा रहा है।

मारुति के पास 3.3 लाख वाहनों की डिलीवरी लंबित है। इसके बावजूद कंपनी ने 7 फीसदी की वृद्धि के साथ जुलाई में तकरीबन 1.4 लाख यूनिट बेची है। मारुति सुजुकी के निदेशक (बिक्री और विपणन) शशांक श्रीवास्तव ने कहा कि मांग पैटर्न मजबूत बना हुआ है। संख्या और भी उत्साहजनक है क्योंकि वे दो तिमाहियों में शीर्ष पर हैं जहां हमने 9 लाख से अधिक इकाइयां बेचीं हैं।

हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड की कुल बिक्री जुलाई, 2022 में 6 प्रतिशत बढ़कर 63,851 इकाई हो गई। कंपनी ने कहा कि उसने जुलाई, 2021 में 60,249 इकाइयों को बिक्री की थी। कंपनी की इस साल जुलाई महीने में घरेलू वाहनों की बिक्री 5.1 प्रतिशत बढ़कर 50,500 इकाई पर पहुंच गई। एक साल पहले इसी महीने में उसने 48,042 इकाइयां बेची थी।

टाटा के लिए भी जुलाई का महीना काफी शानदार रहा। कंपनी ने जुलाई में अब तक की सबसे ज्यादा कारें बेचीं। इस दौरान शोरूम में नेक्सॉन और पंच को लेकर भी लोगों के भीतर क्रेज देखा गया। नेक्सॉन ईवी और टिगोर ईवी की बिक्री में भी तेजी आई है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने बताया कि जुलाई में उसकी घरेलू यात्री वाहनों की कुल बिक्री सालाना आधार पर 33 प्रतिशत बढ़कर 28,053 इकाई हो गई। महिंद्रा ने शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में कहा कि कंपनी ने एक साल पहले के इसी महीने में 21,046 इकाइयां बेची थीं। समीक्षाधीन अवधि में घरेलू उपयोगिता वाहनों की बिक्री 34 प्रतिशत बढ़कर 27,854 इकाई रही, जो एक साल पहले इसी महीने में 20,797 इकाई थी। ऑटोमोटिव डिवीजन के हेड वीजय नाकरा ने बताया कि आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति गतिशील बनी हुई है और हम स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

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