दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी,सिद्धू मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने वाले मुख्य शूटर समेत तीन गिरफ्तार

दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाब के सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हरियाणा के गैंगस्टर समेत तीन आरोपियों को गुजरात के मुंद्रा इलाके से गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान गढ़ी सिसाना, सोनीपत निवासी प्रियव्रत उर्फ फौजी (26), गांव बेरी, झज्जर, हरियाणा निवासी कशिश उर्फ कुलदीप (24) और इनको आश्रय देने वाले अवा बस्ती बठिंडा, पंजाब निवासी केशव कुमार (29) के रूप में हुई है। गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या के लिए कई राज्यों के कुख्यात बदमाशों को हायर किया था। वारदात को अंजाम देने के लिए दो मॉड्यूल तैयार किए थे। इनमें कार सवार एक मॉड्यूल को प्रियव्रत लीड कर रहा था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही आठ हाई एक्सप्लोसिव हैंड ग्रेनेड, नौ डेटोनेटर, तीन पिस्टल, 36 कारतूस, एक असाल्ट रायफल व 20 कारतूस, एक ग्रेनेड लांचर और एके-47 से ग्रेनेड लांच करने वाला एक उपकरण बरामद किया है। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी मकोका के तहत की गई है। पुलिस आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

मुंद्रा में किराए का मकान लेकर छिपे थे शूटर
स्पेशल सेल के विशेष आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि छानबीन के बाद यह बात साफ हो गई थी कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के कहने पर मूसेवाला की हत्या को अंजाम दिया गया।  जांच के बाद स्पेशल सेल की टीम ने हत्याकांड में शामिल छह शूटरों की पहचान कर ली थी। इसमें प्रियव्रत उर्फ फौजी, मनप्रीत उर्फ मन्नू और जगप्रीत उर्फ रूपा के नाम शामिल थे। छानबीन के दौरान पता चला कि कि वारदात में शामिल कुछ शूटर गुजरात के मुंद्रा इलाके में किराए का मकान लेकर छिपे हुए हैं। इस आधार पर पुलिस ने रविवार को वहां दबिश देकर प्रियव्रत, कशिश उर्फ कुलदीप और केशव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर हिसार (हरियाणा) के किरमाना गांव से हथियार और विस्फोटक बरामद किया।

हत्याकांड के लिए दो मॉड्यूल तैयार किए थे

प्रियव्रत ने खुलासा किया कि गोल्डी बराड़ ने मूसेवाला की हत्या को अंजाम देने के लिए दो मॉड्यूल तैयार किए थे। एक मॉड्यूल को वह लीड कर रहा था। उसके साथ अंकित सिरसा, दीपक व कशिश थे। कशिश कार चला रहा था। दूसरा मॉड्यूल कोरोला कार में सवार था। उसमें जगप्रीत उर्फ रूपा और मनप्रीत उर्फ मन्नू सवार थे। वारदात को अंजाम देने से पूर्व 9 बार रैकी की गई थी। घटना वाले दिन संदीप उर्फ केकड़ा ने सूचना दी थी कि मूसेवाला अपने दोस्तों के साथ थार गाड़ी में जा रहा है। उसके साथ कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं है और न ही बुलेटप्रूफ गाड़ी है। इस  सूचना के बाद कोरोला कार में सवार मनप्रीत उर्फ मन्नू व जगप्रीत ने मानसा में मूसेवाला की थार गाड़ी को ओवरटेक कर रोका था। इसके बाद मन्नू ने एके-47 से मूसेवाला पर गोलियां दागीं। पीछे से आई दूसरी कार में सवार प्रियव्रत व अन्य शूटरों ने पिस्टल से मूसेवाला पर गोलियां बरसाईं।
वारदात के बाद गोल्डी को दी थी सूचना
वारदात के बाद प्रियव्रत ने घटना स्थल से ही इंटरनेट कॉल कर गोल्डी बराड़ को मूसेवाला की हत्या की सूचना दी और बाद में सभी फरार हो गए। कुछ दूर जाने के बाद केशव कुमार,  प्रियव्रत और उसके मॉड्यूल के बदमाशों को अपनी कार में बैठाकर फरार हो गया। प्रियव्रत और कशिश फतेहगढ़ के एक पेट्रोल पंप पर मिली सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं।
आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर भेजा 

मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तार प्रियव्रत, कशिश और केशव कुमार को पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया, जहां से 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश हुए। पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रियव्रत ने शूटरों की एक टीम का नेतृत्व किया और वह घटना के समय कनाडा के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के सीधे संपर्क में था।  पुलिस ने कहा, प्रियव्रत को घटना से पहले एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है। वह पहले भी हत्या के दो मामलों में शामिल था और 2015 में गिरफ्तार किया गया था। साल 2021 में सोनीपत में एक अन्य हत्या के मामले में भी वांछित था। कशिश भी सीसीटीवी फुटेज में देखा गया है। वह हरियाणा के झज्जर में 2021 की हत्या के मामले में वांछित है। दोनों से गहन पूछताछ के लिए कम से कम दो सप्ताह की रिमांड की जरूरत है, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

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