अजनारा होम्स सोसायटी में एंट्री विवाद पर हंगामा, डिलीवरी बॉय और घरेलू सहायकों को रोकने से भड़के निवासी

ग्रेटर नोएडा के अजनारा होम्स सोसायटी में विजिटर्स, मेड और डिलिवरी बॉय की एंट्री रोके जाने को लेकर निवासियों ने हंगामा किया।

ग्रेटर नोएडा। अजनारा होम्स सोसायटी में आगंतुकों, घरेलू सहायकों और ऑनलाइन सामान पहुंचाने वाले कर्मचारियों की प्रवेश व्यवस्था को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार देर रात डिलीवरी बॉय और अन्य आगंतुकों की एंट्री रोके जाने से नाराज निवासियों ने हंगामा किया। आरोप है कि सोसायटी परिसर में बार-बार प्रवेश पर रोक लगाए जाने से चार हजार से अधिक परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निवासियों के मुताबिक, ऑनलाइन मंगाए गए सामान की घर तक डिलीवरी नहीं हो पा रही है। लोगों को अपना पार्सल लेने के लिए खुद सोसायटी के मुख्य द्वार तक जाना पड़ रहा है। आरोप है कि केवल डिलीवरी बॉय ही नहीं, बल्कि कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन और अन्य कामगारों के साथ घरेलू सहायिकाओं, खाना बनाने वालों तथा साफ-सफाई करने वाले कर्मचारियों की एंट्री भी आए दिन रोक दी जाती है। निवासियों का दावा है कि एक सप्ताह के भीतर तीन से चार बार ऐसी स्थिति बन चुकी है।
लोगों का कहना है कि इस व्यवस्था के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। घरों में जरूरी सामान पहुंचाने से लेकर मरम्मत और घरेलू कामकाज तक में बाधा आ रही है। कई बार निवासियों को खुद गेट पर पहुंचकर सुरक्षा कर्मियों से डिलीवरी बॉय और कामगारों को अंदर भेजने का अनुरोध करना पड़ता है। इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
बुधवार देर रात भी आगंतुकों और डिलीवरी कर्मचारियों की एंट्री रोके जाने को लेकर विवाद बढ़ गया। इसके बाद नाराज निवासी एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे। आरोप है कि लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद प्रवेश व्यवस्था शुरू कराई गई।
इस विवाद के पीछे सोसायटी के रखरखाव शुल्क का बकाया होना भी एक वजह बताया जा रहा है। चर्चा है कि कई निवासियों पर वर्षों से मेंटेनेंस शुल्क बकाया है, जिसके चलते प्रबंधन और निवासियों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, इस संबंध में प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। उसका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिल सका।
निवासियों ने यह आरोप भी लगाया है कि सोसायटी के ऑनलाइन आवेदन पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा बंद कर दी गई है। इससे फ्लैट या रखरखाव से जुड़ी समस्याओं की शिकायत ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रही है। लोगों को अपनी परेशानी बताने के लिए मेंटेनेंस कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि पुलिस से शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
सोसायटी में प्रवेश व्यवस्था को लेकर बढ़ते विवाद ने निवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित कर दी है। लोगों की मांग है कि आगंतुकों, डिलीवरी कर्मचारियों और घरेलू सहायकों के प्रवेश के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं, ताकि सुरक्षा व्यवस्था भी बनी रहे और निवासियों को जरूरी सेवाओं के लिए परेशान भी न होना पड़े।

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