तस्करी में पकड़ा गया 197 फुट लंबा जहाज बना समुद्री जीवों का घर, कृत्रिम रीफ में बदला

आयरलैंड में वर्ष 2014 में पकड़ा गया एक जहाज अब समुद्री जीवों का घर बन चुका है। इस जहाज को दो साल पहले समुद्र में डुबा दिया गया था। इसके बाद से यह कृत्रिम रीफ में तब्दील होता नजर आया है। यह जहाज 3.2 करोड़ अवैध सिगरेट के साथ पकड़ा गया था।

डबलिन। आयरलैंड में वर्ष 2014 में 3.2 करोड़ सिगरेट की तस्करी के मामले में पकड़ा गया 197 फुट लंबा जहाज अब समुद्री जीवों के लिए आशियाना बन चुका है। ‘एमवी शिंगल’ नाम के इस जहाज को करीब नौ वर्ष तक डबलिन बंदरगाह में रखा गया। बाद में सरकारी मंजूरी मिलने के बाद इसे आयरलैंड के तट से दूर किलला खाड़ी में जानबूझकर समुद्र में डुबो दिया गया। समुद्र में डूबने के करीब दो वर्ष बाद सामने आए पानी के भीतर के फुटेज में जहाज एक कृत्रिम रीफ में तब्दील होता दिखाई दे रहा है।
सतह से करीब 98 फीट नीचे स्थित जहाज के आसपास बार्नेकल्स, स्पंज, समुद्री स्क्वर्ट और विभिन्न प्रजातियों की मछलियां दिखाई दे रही हैं। अटलांटिक टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के समुद्री पारिस्थितिकीविद् डॉ. जोस मारिया फरिनास-फ्रेंको ने आरटीई से बातचीत में जहाज पर समुद्री जीवों के तेजी से विकसित हो रहे आवास को प्रभावशाली बताया।
समुद्री पारिस्थितिकीविद् के अनुसार, किसी कृत्रिम ढांचे पर सबसे पहले बार्नेकल और अन्य छोटे जीव अपना बसेरा बनाते हैं। इसके बाद समुद्री स्क्वर्ट जैसी प्रजातियां वहां विकसित होती हैं और धीरे-धीरे मछलियां भी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होने लगती हैं। समय के साथ ऐसे ढांचे पर विभिन्न जीवों के लिए भोजन और आश्रय उपलब्ध होने लगता है और एक प्राकृतिक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सकता है।
मोल्दोवा में पंजीकृत ‘शिंगल’ जहाज को वर्ष 2014 में स्लोवेनिया से आयरलैंड के ड्रोगेडा बंदरगाह तक सिगरेट की तस्करी करते पकड़ा गया था। अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर करीब 3.2 करोड़ सिगरेट लदी थीं। कानूनी कार्रवाई के बाद आयरिश कर अधिकारियों ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया।
शुरुआत में जहाज को बेचने की कोशिश की गई, लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला। इसे कबाड़ में बेचने की लागत भी अधिकारियों के लिए व्यावहारिक नहीं थी। इसके बाद जहाज को समुद्र में डुबोकर कृत्रिम रीफ के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, इस निर्णय को अमल में लाने में करीब नौ वर्ष लग गए। अब समुद्र की गहराई में यही जहाज समुद्री जीवों के लिए नए आवास के रूप में विकसित हो रहा है।

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