Fatehpur News: डीएम ने खखरेरू नगर पंचायत की गौशाला का किया औचक निरीक्षण, खामियां मिलने पर बाबू को लगाई फटकार
जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने खखरेरू नगर पंचायत की गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान चारा-पानी, रखरखाव और विद्युत व्यवस्था समेत कई कमियां मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और नगर पंचायत के बाबू निलेश कुमार को फटकार लगाई।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर,उत्तर प्रदेश। जिलाधिकारी श्रीमती निधि गुप्ता वत्स ने खखरेरू नगर पंचायत स्थित गौशाला का औचक निरीक्षण कर वहां गौवंशों की देखभाल और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गौशाला में रखरखाव, चारा-पानी, विद्युत व्यवस्था समेत कई स्तरों पर कमियां सामने आने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गौशाला परिसर का निरीक्षण करते हुए गौवंशों के लिए उपलब्ध चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं पर उन्होंने नगर पंचायत प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की। नगर पंचायत कार्यालय में तैनात बाबू निलेश कुमार को फटकार लगाते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गौशाला में मौजूद सभी कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए।
जिलाधिकारी ने व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित जिम्मेदारों को 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने निर्देशित किया कि इस अवधि में गौशाला की सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर गौवंशों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गौशाला में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति और रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान करीब दो वर्ष पहले तैयार कराई गई 18 लाख रुपये की अस्थायी गौशाला को लेकर भी जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से गौशाला के निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा आवश्यक बिंदुओं की जांच कराने के निर्देश दिए। इस जांच के बाद निर्माण और व्यय से संबंधित स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों की देखभाल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। उनकी व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि गौशाला की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए और वहां आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।
औचक निरीक्षण के दौरान पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ नगर पंचायत के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार और 18 लाख रुपये की अस्थायी गौशाला से संबंधित जांच की कार्रवाई पर निगरानी रखी जाएगी।




