कौशाम्बी कलेक्ट्रेट में गांधी-शास्त्री जयंती पर गूंजे प्रिय भजन, आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती पर कौशाम्बी कलेक्ट्रेट में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने ध्वजारोहण कर दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण किया।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर गुरुवार को कौशाम्बी कलेक्ट्रेट में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और उदयन सभागार में दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के प्रिय भजनों के सामूहिक गायन से पूरा सभागार देशभक्ति और श्रद्धा के भाव से गूंज उठा।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने उदयन सभागार में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी दोनों महापुरुषों को नमन करते हुए उनके जीवन एवं राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ और ‘वैष्णव जन तो तेने कहिए’ का सामूहिक गायन किया। भजनों की स्वर लहरियों से सभागार का वातावरण श्रद्धा, शांति और राष्ट्रभक्ति के भाव से भर गया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने गांधीजी के सत्य, अहिंसा और सादगी के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री के कर्तव्यनिष्ठा, सादगी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन संघर्ष, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी, वहीं लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को सार्वजनिक जीवन की पहचान बनाया।
अधिकारियों ने कहा कि गांधी और शास्त्री के विचार आज भी समाज और प्रशासन के लिए प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों को केवल स्मरण करने के बजाय दैनिक जीवन और कार्यशैली में अपनाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के सिद्धांतों पर चलने तथा देशहित और जनसेवा के कार्यों को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर, अपर जिलाधिकारी ओम प्रकाश समेत कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




