चांदी का मुकुट लौटाकर बोले राजनाथ, गरीब की बेटी की शादी में आए काम
राजनाथ सिंह ने चांदी के मुकुट गिफ्ट किए जाने के मामले में आयोजकों से कुछ ऐसा कहा, जिसकी खूब चर्चा हो रही है। उनके अंदाज की भी लोग तारीफ कर रहे हैं।

आगरा,उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच जातीय सम्मेलनों का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में आगरा में आयोजित खटीक गर्जना सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में उन्होंने सामाजिक एकता, समरसता और खटीक समाज के गौरवशाली इतिहास को सामने लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान चांदी के मुकुट को लेकर उनके अंदाज की खूब चर्चा हुई।
सम्मेलन में राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट पहनाया गया। सम्मान के बाद उन्होंने मुकुट समाज के लोगों को वापस सौंप दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी के बाद विदाई के समय उसके पास चांदी की पायल बनवाने के लिए पर्याप्त साधन न हों तो इस मुकुट को बेचकर उस परिवार की मदद की जाए और बेटी के लिए पायल बनवाई जाए। उनकी इस अपील के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
रक्षा मंत्री ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा कि समाज को तोड़ने के बजाय जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टूटने से समाज बिखरेगा, जबकि एकजुट होकर आगे बढ़ने से समाज और मजबूत होगा। उन्होंने सामाजिक एकता को विकास और मजबूत राष्ट्र की महत्वपूर्ण कुंजी बताते हुए कहा कि राजनीति के लिए कई बार जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने तथा उनके बीच दूरी पैदा करने के प्रयास किए जाते हैं।
राजनाथ सिंह ने समाज के लोगों से ऐसे प्रयासों से सावधान रहने और किसी के भड़कावे या बहकावे में नहीं आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने के बजाय एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकारें विकास की दिशा में काम कर रही हैं तथा देश विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
रक्षा मंत्री ने खटीक समाज के इतिहास को नए सिरे से सामने लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि खटीक समाज का इतिहास त्याग, पराक्रम, सेवा और राष्ट्रभक्ति से भरा हुआ है, लेकिन इतिहास में समाज को उसका उचित स्थान नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि खटीक समाज के योगदान और गौरवशाली इतिहास को सही रूप में सामने लाने के लिए उसके इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता है।
संत दुर्बल नाथ की 165वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा कि संत दुर्बल नाथ केवल खटीक समाज के ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज के संत थे। उनके विचार और संदेश सभी के लिए प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उसके योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए।




