उज्जैन में अघोरी ने धधकती चिता से निकालकर खाया मानव अंग, भड़के महामंडलेश्वर
उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट में एक किन्नर अघोरी तांत्रिक क्रिया कर रही है। वह धधकती चिता से मानव अवशेष को निकालकर खा रही है। इसे लेकर उज्जैन में संत समाज और महामंडलेश्वर भड़क गए हैं। अघोरी के खिलाफ लोगों ने कार्रवाई की मांग की है।

उज्जैन/मध्य प्रदेश। उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में एक किन्नर साध्वी को कथित तौर पर जलती चिता के पास तांत्रिक क्रिया करते और मानव अवशेष के साथ आपत्तिजनक व्यवहार करते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज ने इसे धार्मिक मर्यादाओं के विपरीत बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो किन्नर अखाड़े से जुड़ी काली उर्फ नंद गिरी का है। वीडियो में वह चिता के सामने तलवार के साथ कथित तांत्रिक क्रिया करती दिखाई देती है। इसके बाद वह चिता से मानव अवशेष निकालकर उसे कैमरे के सामने ले जाती हुई नजर आती है। वीडियो में वह इस तरह की गतिविधि को अपनी साधना का हिस्सा बताते हुए टिप्पणी भी करती सुनाई देती है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें दिखाई दे रही सामग्री की वास्तविकता की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोगों ने श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। संत समाज के कुछ लोगों का कहना है कि तांत्रिक अथवा अघोर साधना निजी आध्यात्मिक साधना का विषय है और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन धार्मिक परंपराओं तथा मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अघोर साधना की अपनी मर्यादाएं होती हैं और ऐसी गतिविधियों को प्रचार अथवा प्रसिद्धि के लिए सार्वजनिक करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह के वीडियो से समाज में गलत संदेश जाता है और प्रशासन को पूरे मामले की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।
संत समाज की ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि यदि श्मशान घाट में शवों या मानव अवशेषों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ हो रही है तो वहां सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था किस प्रकार की है। लोगों ने प्रशासन से वायरल वीडियो की जांच कराने, वीडियो में दिखाई दे रहे स्थान और व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित करने तथा यदि कोई कानून का उल्लंघन सामने आए तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
वायरल वीडियो ने उज्जैन के चक्रतीर्थ श्मशान घाट की सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक स्थलों पर होने वाली कथित तांत्रिक गतिविधियों को लेकर भी बहस छेड़ दी है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई घटना वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार का संपादन अथवा मंचन किया गया है।




