ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली के आदेश फतेहपुर में बेअसर, 13 घंटे गुल रही सप्लाई; भीषण गर्मी में पानी को तरसे ग्रामीण

परिपूर्ण न्यूज़ संवादाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के सख्त निर्देश जमीनी स्तर पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। खखरेरु क्षेत्र का कनपुवा उपकेंद्र प्रशासनिक आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए पूरी तरह बेपरवाह बना हुआ है। मंगलवार को सुबह 6 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक क्षेत्र में लगातार 13 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
भीषण गर्मी और 45 डिग्री के पार पहुंचे तापमान के बीच बिजली कटौती ने हालात और बदतर कर दिए हैं। घरों में पंखे और कूलर बंद पड़े हैं, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि न दिन में राहत मिल रही है और न ही रात में चैन की नींद नसीब हो रही है।
बिजली संकट का सबसे गंभीर असर पेयजल आपूर्ति पर पड़ा है। क्षेत्र के कल्लू मिश्रा, अफजल वारसी, लवकुश शुक्ला, दिनेश कुमार, शंकर शुक्ला, नईम उल्ला खान और उजैर खान समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि सबमर्सिबल और घरेलू पंप पूरी तरह ठप हो गए हैं। मजबूरन महिलाओं और बुजुर्गों को हैंडपंप पर लंबी कतारों में लगकर पानी भरना पड़ रहा है। कई बार भीड़ के कारण घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
इसके अलावा मोबाइल चार्ज न हो पाने से जरूरी कॉल और ऑनलाइन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कनपुवा उपकेंद्र के अधिकारियों पर शासन के आदेशों का कोई असर नहीं है। बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि उपकेंद्र की मनमानी पर तत्काल रोक लगाई जाए और 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश सख्ती से लागू कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वहीं, मामले में खागा के अधिशासी अभियंता (एक्सियन) अनिल मित्र ने बताया कि बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए कर्मचारी लगातार प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।




