आजमगढ़ में मदरसा अनुदान फर्जीवाड़ा, अतरौलिया पुलिस ने शिक्षिका रेनू यादव को किया गिरफ्तार
अतरौलिया पुलिस ने मदरसा फैजेकौशर निस्वां की शिक्षिका रेनू यादव को फर्जी अभिलेखों से 2.14 लाख रुपये का अनुदान हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। अस्तित्वहीन मदरसों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी अनुदान हड़पने के मामले में अतरौलिया थाना की पुलिस ने सोमवार को मदरसा फैजेकौशर निस्वा रूकुमलपुर की शिक्षिका रेनू यादव को गिरफ्तार किया है। विधिक कार्रवाई के बाद आरोपित शिक्षिका को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले एक हफ्ते में जिले के विभिन्न थानों से करीब सात लोग गिरफ्तार हो चुके है। 19 मार्च 2025 में राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के निरीक्षक कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह ने तहरीर देते हुए मदरसा फैजेकौशर निस्वा, रूकुमलपुर के प्रबंधक एवं तीन शिक्षकों पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से शासकीय अनुदान प्राप्त करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी।
तहरीर के आधार पर पुलिस प्रबंधक रियाज अहमद, शिक्षिका किरन पाल, रेनू यादव और अनवर अहमद के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में जुट गई थी। विवेचना के दौरान मदरसे का प्रबंधक रियाज अहमद की मौत हो चुकी थी। वहीं शिक्षिका किरन पाल, रेनू यादव और शिक्षक अनवर अहमद फरार चल रहे थे।
सोमवार को उपनिरीक्षक विश्राम गुप्ता ने पुलिस टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर फरार आरोपित 35 वर्षीय रेनू यादव निवासी बनकटा बुजुर्ग, थाना राजेसुल्तानपुर, जनपद अंबेडकर नगर (हाल पता मल्लुपुर मझगांवा) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं फरार दोनों आरोपितों के गिरफ्तारी को पुलिस दबिश दे रही है। वर्ष 2025 में राज्य विशेष अपराध अनुसंधान शाखा (ईओडब्ल्यू) के निरीक्षक कुंवर ब्रह्म प्रकाश सिंह ने सत्यापन के बाद जनपद के करीब 207 अस्तित्वहीन मदरसे के खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन मदरसों ने राज्य सरकार की मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत आधुनिक शिक्षकों के मानदेय, अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति समेत अन्य मदों में 62.84 लाख रुपये की सरकारी धनराशि का गबन किया था।
जांच में यह भी सामने आया कि मदरसा पोर्टल पर शिक्षक एवं विद्यार्थियों की फर्जी संख्या आनलाइन अपलोड कर भुगतान कराया गया। जिन स्थानों पर मदरसों के संचालन का दावा किया गया था, वहां कहीं दुकान, कहीं स्कूल तो कहीं गोशाला मिली। इन फर्जी मदरसों ने तहतानिया (कक्षा एक से पांच), फोकानिया (कक्षा छह से आठ) और आलिया (कक्षा नौ से 12) स्तर की मान्यता भी प्राप्त कर रखी थी। 207 मदरसों में से करीब 132 मदरसा के संचालक व शिक्षक या तो अग्रिम जमानत ले चुके हैं, या फिर कोर्ट में मामला विचाराधीन है।




