डॉ गणेश चंदन शिवे की पुस्तक “”लोक परंपरा के मूर्तिकार” का हुआ विमोचन

कांति जाधव,(मुंबई ब्यूरो)। रविवार को रवीन्द्र नाट्य मंदिर प्रभादेवी में डिंपल प्रकाशन और चेरी फिल्म प्रोडकशन द्वारा डॉ. गणेश चंदनशिवे की “लोक परंपरा के मूर्तिकार”पुस्तक का विमोचन समारोह अभिनेता श्री आदेश बांदेकर के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस मौके पर पुस्तक के लेखक डॉ. गणेश चंदनशिवे और मुख्य अतिथि प्रथम महापौर राजीवजी पाटिल, डाॅ. प्रकाश खांडगे (लोक कला व्यवसायी),अभिनेता सयाजी शिंदे,वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेश महावर, चेरी फिल्म प्रोडक्शन के निदेशक डॉ.सचिन खरात, प्रोफेसर डॉ. मंगेश बंसोड़, (थिएटर अकादमी मुंबई), संदेश जाधव (वी.वी.एम.नगर निगम के पूर्व सभापती) शिव शाहीर सुरेश जाधव,अशोक मुळे भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीपाल सबनीस (पूर्व ए.बी.साहित्य सम्मेलन) ने की और मंच संचालन डॉ.नितिन आरेकर ने संभाला।इस पुस्तक में उल्लेखित किया गया है की सच्चाई एवं कला के लिए कोई जाति और धर्म नहीं होता। किसी भी कलाकार के लिए जाति और धर्म मायने नहीं रखता है। कलाकार अपनी काबिलियत और मेहनत के आधार पर अपनी पहचान बनाता है।
एक प्रतिभाशाली शोधकर्ता डॉ. गणेश चंदनशिवे ने 19वीं सदी से 21वीं सदी तक शाहिरी मानदंडों का एक नया शोधपूर्ण जीवनी इतिहास महाराष्ट्र के सामने प्रस्तुत किया है। तमसगीर और कला पाठकी शाहिरो की लघुकथाओं की यह श्रृंखला मराठी और संस्कृति का गौरव है। फंदी,प्रभाकर,राम जोशी, होनाजी से लेकर छगन चौगुले, मीराबाई, विट्ठल उमप, पत्थे बापुराव,शिव की परंपरा – सांभा, भाऊ फक्कड़,काळु बाळु,अन्नाभाऊ साठे,अमर शेख,गवानकर, दादा कोंडाके,विथाबाई,यमुनाबाई, दत्ता महाडिक इन सभीकी परंपरा चंदन शिवे ने संशोधनात्मक अभ्यास करकर प्रस्तुत किया है।

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