दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी, सेब व्यापार की आड़ में 5 लाख ठगने वाला भगोड़ा जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की विशेष अपराध शाखा ने 10 साल बाद अनंतनाग से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दिल्ली के एक व्यापारी से सेब आपूर्ति के नाम पर 5 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी और फरार चल रहा था।

श्रीनगर/एजेंसी। सेब आपूर्ति की आड़ में दिल्ली के एक व्यापारी से पांच लाख रुपये से अधिक की ठगी के एक मामले में दिल्ली पुलिस की विशेष अपराध शाखा ने दस साल बाद आरोपित को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग से गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान इश्तियाक अहमद निवासी अनंतनाग के रूप हुई है। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार सिम कार्ड और अपने ठिकाने बदल रहा था। जानकारी के अनुसार आरोपित के खिलाफ वर्ष 2016 में दिल्ली के महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 420 और 120बी के तहत धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले दर्ज किए गए थे।
उसने दिल्ली के एक व्यापारी के साथ सेब की बिक्री का समझौता किया और उससे 5.08 लाख रुपये लिए। पैसा लेने के बावजूद उसने सेब की आपूर्ति नहीं की और पैसा वापस नहीं दिया। इस पर पीड़ित व्यापारी ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। इश्तियाक को जब पता चला कि उसके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है तो उसने न सिर्फ उक्त व्यापारी से अपना संपर्क पूरी तरह तोड़ लिया बल्कि वह अनंतनाग से भी फरार हो गया। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया और उसकी जानकारी देने वाले के लिए 50,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। दिल्ली पुलिस की विशेष अपराध शाखा ने उसका पता लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस का सहयोग लिया और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया।
इश्तियाक के सभी पुराने साथियों, ट्रांसपोर्टरों और फल कारोबार में जुड़े कई लोगों से संपर्क किया गया। इसके साथ ही कुछ संदिग्ध मोबाइल फोन नंबर भी चिह्नित किए गए जो कथित तौर इश्तियाक या फिर उसके कुछ करीबियों से जुड़े हुए थे। लगातार निगरानी और सोर्स-बेस्ड इनपुट के बाद इश्तियाक को आखिरकार गत 13 मई को अनंतनाग में फल-सब्जी मंडी से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपित ने माना कि वह 2011 में एक जान-पहचान वाले के जरिए शिकायतकर्ता के संपर्क में आया था।
उसने बताया कि सेब की खरीद के भुगतान को लेकर उसका विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने शिकायतकर्ता से बातचीत बंद कर दी। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसके साथ सभी संपर्क तोड़ दिए। इसके साथ उसने अनंतनाग में अपनी असली घर को छोड़ दिया और अनंतनाग से कुछ ही दूरी पर एक अन्य कस्बे में जाकर बस गया और छोटे-मोटे होलसेल बिजनेस में लग गया। उसने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए नए नए तरीके अपनाता रहा और बार बार अपना सिम कार्ड बदलता रहा। जिससे वह पुलिस से बचता रहा।



