गौतम अडाणी पत्नी, बेटे-बहू के साथ पहुंचे राम मंदिर, अयोध्या के गुरुकुल में एआई बेस्ड लैब स्थापित करने की घोषणा की

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी गुरुवार को प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या पहुंचे। उनके साथ पत्नी प्रीति अडाणी, बेटे करन अडाणी और बहू परिधि अडाणी मौजूद रहे। अडाणी परिवार ने रामलला और राम दरबार में पहुंचकर हाजिरी लगाई। प्रभु श्रीराम की धरती पर उन्होंने बिताए पल को गौरवपूर्ण बताया। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद गौतम अडाणी ने गुरुकुल में एआई बेस्ड लैब स्थापित करने की घोषणा की। भगवान श्रीराम के दरबार में आने को उन्होंने सौभाग्य की बात बताई।
गौतम अडाणी ने प्रभु रामलला के दरबार में पूजा-अर्चना के बाद सोशल मीडिया एक्स पर इससे संबंधित तस्वीरें शेयर की। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि आज अयोध्या जी में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन कर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन मर्यादा, करुणा और कर्तव्य का प्रतीक है। उनके आदर्श हमें निरंतर धर्म और सत्य के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
गौतम अडाणी ने कहा कि हनुमान जयंती के पावन अवसर पर इस पवित्र भूमि पर परिवार सहित आकर मन को असीम संतोष मिला। इस दिन अयोध्या दौरे को उन्होंने बेहद भावनात्मक और गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। गौतम अडाणी ने भगवान श्रीराम की जन्मस्थली और मंदिर को लेकर कहा कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता, आत्मविश्वास और मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों- सत्य, कर्तव्य और सेवा को हमारे देश के भविष्य के मार्गदर्शक सिद्धांत बताए। राम मंदिर में दर्शन के बाद गौतम अडाणी गुरुकुल महाविद्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने शिक्षकों और छात्रों से बातचीत की।
अयोध्या में वर्ष 1935 में गुरुकुल की स्थापना स्वामी त्यागानंद जी ने की थी। यह गुरुकुल आर्य समाज के सिद्धांतों पर आधारित है। यहां पारंपरिक गुरुकुल प्रणाली का पालन किया जाता है। इसमें छात्र आवासीय व्यवस्था में रहकर शिक्षा ग्रहण करते हैं। यहां करीब 200 छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। गुरुकुल के परिसर में गौशाला भी है, जो ग्रामीण जीवनशैली और भारतीय परंपरा को दर्शाती है। गुरुकुल में महात्मा गांधी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्व का आगमन हो चुका है।
गौतम अडाणी ने गुरुकुल में आयोजित कार्यक्रम में मूल्य आधारित शिक्षा को बेहतरीन बताया। उन्होंन कहा कि इस प्रकार की शिक्षा व्यक्तियों को ही नहीं, पूरे राष्ट्र के भविष्य को आकार देती है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अडाणी फाउंडेशन गुरुकुल में एआई बेस्ड लैब स्थापित कर पारंपरिक ज्ञान और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के समन्वय को बढ़ावा देगा। उन्होंने ‘सेवा ही साधना है’ के सिद्धांत को दोहराया। साथ ही, समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।




