प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
300 BLS, 70 ALS के साथ पहली बार 5 नियोनेटल ALS — नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’ की शुरुआत

रायपुर/एजेंसी। रायपुर में 31 मार्च को प्रदेश की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एम्बुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया। इसके साथ ही 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार प्रदेशभर में तत्काल प्रभाव से शुरू हो गया, जिससे आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी।
इस पहल के अंतर्गत पहली बार प्रदेश में 5 नियोनेटल एएलएस एम्बुलेंसों की शुरुआत की गई है। इन्हें नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल के लिए “चलते-फिरते आईसीयू” के रूप में तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने इसे आम जनता के विश्वास को और सशक्त बनाने वाला कदम बताया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इससे लाखों लोगों को त्वरित चिकित्सा लाभ मिलेगा।
2019 की तुलना में 2026 की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां सेवा सीमित थी और प्रति ट्रिप लागत अधिक आती थी, वहीं अब नई तकनीक से लागत घटकर ₹1,894 रह गई है और सेवा का दायरा बढ़कर प्रति एम्बुलेंस 160 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है। अब हर साल 4.38 लाख से अधिक लोगों को जीवनदान मिलेगा और 1.10 लाख अतिरिक्त लोग 108 सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
नियोनेटल एम्बुलेंसों में इन्क्यूबेटर, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, सिरिंज पंप, नेब्युलाइज़र, सक्शन मशीन, पर्याप्त ऑक्सीजन सपोर्ट और 41 प्रकार की आपातकालीन दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वहीं बीएलएस और एएलएस एम्बुलेंसों में बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ईसीजी मॉनिटर, ग्लूकोमीटर जैसी जांच सुविधाओं के साथ ऑक्सीजन सपोर्ट और अन्य जीवनरक्षक उपकरण लगाए गए हैं।
इस अवसर पर विधायक मोती लाल साहू, विधायक इंद्र कुमार साहू, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं संजीव झा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध संचालक रणबीर शर्मा, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा रितेश अग्रवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। यह पहल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक मजबूत जीवनरक्षक तंत्र के रूप में स्थापित होगी।




