सहारनपुर में शव को कार में रखकर जलाया, सुसाइड दिखाने की साजिश, कर्जदार की हत्या मामले में बड़ा खुलासा

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। सहारनपुर जिले से एक व्यक्ति की मौत मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। गागलहेड़ी पुलिस ने एक ऐसी आपराधिक साजिश का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। रेप केस से बचने और कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक व्यक्ति ने न केवल अपनी मौत का नाटक रचा, बल्कि इसे सच साबित करने के लिए एक निर्दोष व्यक्ति की जान भी ले ली। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी अर्जुन के खिलाफ रेप केस चल रहा था। इस कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसने खुद को मृत दिखाने की खौफनाक योजना बनाई। अर्जुन ने अपने साथियों रॉबिन, शारिक और विजय सागर के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया।
योजना के तहत अर्जुन ने अपने ही एक कर्जदार रोहित को निशाना बनाया। उसने उसे बहाने से बुलाया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसके शव को बड़कला फ्लाईओवर के पास ले गए। वहां उन्होंने कार में शव रखकर आग लगा दी। उनकी कोशिश यह जताने की थी कि अर्जुन की सड़क हादसे में जलकर मौत हो गई है। इस पूरी वारदात का मकसद पुलिस और अदालत को गुमराह करना था। अर्जुन के खिलाफ चल रहे केस के अपने आप खत्म होने के लिए साजिश बुनी गई। पुलिस ने गहराई से जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हो गया।
सहारनपुर के एसएसपी अभिनंदन सिंह ने बताया कि 25 फरवरी को चोरखुर्द गांव के मुखिया ने गागलखेड़ी पुलिस को सूचना दी कि चोरखुर्द और चांदपुर गांवों के बीच सड़क किनारे एक पुलिया के पास एक जली हुई कार खड़ी है। उसके अंदर एक जला हुआ शव है। उन्होंने कहा कि पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और जली हुई नंबर प्लेट और पंजीकरण विवरण के आधार पर वाहन की पहचान की। कार मूल रूप से उत्तराखंड के न्यू टिहरी निवासी के नाम पर पंजीकृत थी। एसएसपी ने कहा कि इस वाहन को आखिरी बार 16 फरवरी को अर्जुन कुमार ने खरीदा था। इसके तुरंत बाद अर्जुन के भाई विजय सागर और शेरपुर निवासी रॉबिन कुमार ने गागलखेड़ी पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने दावा किया कि जली हुई कार अर्जुन की है, जो 24 फरवरी को रॉबिन के साथ घर से निकला था। इसके बाद से वह लापता है।
एसएसपी ने बताया कि भाई की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। उप निरीक्षक रामबीर शाक्य ने जांच शुरू की। एसएसपी ने बताया कि 28 फरवरी को पुलिस ने बड़कला फ्लाईओवर के पास अर्जुन, रॉबिन, शारिक और विजय सागर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान अर्जुन ने कबूल किया कि 2024 में वह देहरादून के एक ब्यूटी पार्लर में वाहन चालक का काम करता था। वहां एक महिला कर्मचारी ने उसके खिलाफ दलनवाला पुलिस थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। अर्जुन ने दावा किया कि उसे लगभग छह महीने जेल हुई थी और मामले की सुनवाई के दौरान उसे आजीवन कारावास का डर था। एसएसपी ने बताया कि सजा से बचने के लिए अर्जुन ने कथित तौर पर अपनी मौत का नाटक रचा।
कोविड काल में लिया था उधार
पुलिस ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान उसने ब्याज पर पैसे उधार दिए थे और मोहम्मदपुर कंधेला गांव के रोहित पर उसका लगभग 1.7 लाख रुपये बकाया था। रोहित द्वारा रकम न चुकाने से नाराज अर्जुन ने कथित तौर पर रॉबिन और शारिक के साथ मिलकर रोहित की हत्या करने और उसके शव को अपना बताकर पेश करने की साजिश रची, जिनसे उसकी मुलाकात जेल में हुई थी।
रोहित को कराया था नशा
पुलिस के अनुसार, अर्जुन ने ऑल्टो कार खरीदी और 24 फरवरी को उसने और उसके साथियों ने रोहित को कथित तौर पर नशा कराकर घटनास्थल पर लाया। अर्जुन और शारिक ने कथित तौर पर रोहित का गला मफलर से दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को दुर्घटना का दृश्य दिखाने के लिए ड्राइवर की सीट पर रख दिया। उन्होंने एक पहिये का बोल्ट ढीला किया और छत पर एक छड़ रख दी ताकि यह दुर्घटना लगे। इसके बाद कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
झुलस गया था आरोपी
कार में आग लगाने के दौरान अर्जुन मामूली रूप से झुलस गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। बाद में अर्जुन ने देहरादून में अपने बाल कटवाकर अपनी पहचान छिपा ली। कथित तौर पर किसी और के नाम से खरीदा हुआ सिम कार्ड इस्तेमाल किया। उसने अपने भाई से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने को भी कहा ताकि ऐसा लगे कि उसकी इस घटना में मौत हो गई है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है।





