एसआईआर शुरू होते ही नप गए अधिकारी! ग्रेटर नोएडा में 130 बीएलओ और 13 सुपरवाइजर पर एफआईआर, सैलरी भी रोकी गई

ग्रेटर नोएडा। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में सख्ती का असर दिखने लगा है। गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेधा रूपम ने अब तक की सबसे कड़ी कार्रवाई करते हुए लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कदम उठाए हैं। समीक्षा के दौरान उन्हें पता चला कि विधानसभा चुनाव के काम में कर्मचारियों ने गंभीर अनदेखी की है। इस पर उन्होंने अपनी नाराजगी साफ जाहिर की। इसके बाद उन्होंने 143 कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। इसके अलावा कई अधिकारियों और कर्मचारियों का वेतन भी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम की इस कार्रवाई से निर्वाचन प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों में हड़कंप मचा गया है।
विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत आयोग ने 1 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। इस प्रक्रिया में 4 नवंबर 2025 से 4 दिसंबर 2025 तक गणना प्रपत्रों के वितरण और प्राप्ति का काम किया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम ने समीक्षा के दौरान देखा कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, बीएलओ और सुपरवाइजर तहसील से गणना प्रपत्र लेकर जरूरी कार्रवाई समय पर शुरू नहीं कर पाए हैं।
इस लापरवाही पर गंभीर नजर डालते हुए जिला अधिकारी ने 3 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और 12 सहायक अधिकारियों के वेतन रोकने का आदेश दिया है। इसके अलावा 130 बीएलओ और 13 सुपरवाइजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, कानूनी कार्रवाई करने और वेतन रोकने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इस पर गंभीरता दिखाते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी मेधा रूपम ने ये एक्शन लिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




