बीजेपी नेता पर रेप का आरोप, 6 महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर, तो सड़कों पर उतरा ‘सर्व समाज’

सतना/मध्य प्रदेश। सतना जिले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश शर्मा के खिलाफ दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। गुरुवार को ‘सर्व समाज’ के बैनर तले सैकड़ों लोग शर्मा के समर्थन में सड़क पर उतरे और एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले को एक साजिश बताते हुए इसकी निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने आशंका जताई है कि सतीश शर्मा को षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान सतीश शर्मा के बुजुर्ग पिता अचानक चक्कर खाकर गिर पड़े। जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभाला, हाथों की मालिश की और पानी छिड़का। जिसके बाद उनकी तबीयत में सुधार आया।
ज्ञापन में कहा गया है कि वे किसी अपराधी का समर्थन नहीं कर रहे हैं, लेकिन जिस तरह से यह मामला सामने आया है, उससे साजिश की बू आ रही है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की सच्चाई एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकती है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि सतीश शर्मा जांच में दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, लेकिन यदि यह एक साजिश है, तो साजिशकर्ताओं को भी बेनकाब कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
समाजसेवी शशांक सिंह बघेल ने कथित छेड़खानी की घटना के छह महीने बाद दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज होने पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय के बाद रिपोर्ट दर्ज कराना अपने आप में संदेह पैदा करता है और इस बिंदु को भी जांच के दायरे में रखा जाना चाहिए। भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश शर्मा की बहन सुनीता शर्मा ने बताया कि मेरा भाई निर्दोष है। जो आरोप लगाए गए हैं पूरे झूठे है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एक महिला ने बीजेपी नेता पर शोषण का आरोप लगाया था। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद कोलगवां थाना पुलिस ने सतीश शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था।




