कार में फंसी दो जिंदगियों को बचाने ‘फरिश्ता’ बन पहुंचे डीसीपी शशांक जायसवाल

DCP Shashank Jaiswal arrived as an 'angel' to save two lives trapped in a car

  • दिल्ली के कैंट इलाके में देर रात पलट गई कार में फंस गए एक दंपति
  • डीसीपी शशांक जायसवाल ने दंपति को सुरक्षित बाहर निकाला
  • हादसे के समय कार से तेल रिस रहा था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था

नई दिल्ली। घर पर छोटे बच्चे इंतजार कर रहे थे। घर से थोड़ी ही दूरी पर मां-बाप हादसे का शिकार हो गए थे। मेन रोड पर उनकी कार पलट गई थी। कार से तेल रिस रहा था। दोनों अंदर ही फंसे थे। कुछ लोग वहां खड़े तो थे, मगर कोई उनकी मदद नहीं कर रहा था।इस बीच एक आईपीएस ऑफिसर अपनी मां को लेने जा रहे थे। उनकी नजर कार पर पड़ी तो वह अपने स्टाफ के साथ मौके पर रुक गए। दंपति के बारे में फंसा होने की बात पता चलते ही उन्होंने फौरन कार के शीशे और खिड़की तुड़वाई और उसमें फंसे दंपति को बाहर निकलवाया। दोनों में से किसी को ज्यादा चोट नहीं लगी। मगर तेल रिसने से कोई बड़ा हादसा जरूर हो सकता था। फरिश्ता बनकर वहां पहुंचे यह ऑफिसर दिल्ली पुलिस के वही डीसीपी शशांक जायसवाल हैं। जिन्होंने कुछ महीने पहले भी सड़क पर घायल पड़े बुलेट बाइक सवार की जान बचाई थी।
पुलिस सूत्र ने बताया, बीती रात करीब ढाई बजे साउथ-वेस्ट दिल्ली के दिल्ली कैंट इलाके में सुब्रोतो पार्क के पास से एक सड़क हादसे की पीसीआर कॉल मिली थी। कॉल करने वाले खुद दिल्ली पुलिस के डीसीपी थे। जिन्होंने बताया कि यहां एक कार पलटी हुई है, जल्दी स्टाफ भेजो। डीसीपी ने ट्रैफिक पुलिस के इंस्पेक्टर को भी कॉल की। डीसीपी खुद अपनी सरकारी गाड़ी में थे। स्टाफ भी उनके साथ ही था। उन्होंने वहां मौजूद लोगों की मदद से फौरन दंपति को कार से बाहर निकाला।
दंपति ने डीसीपी का शुक्रिया अदा किया। इसके साथ ही बताया कि उनके बच्चे घर पर इंतजार कर रहे हैं। दोनों पास के ही कैंट इलाके में रहते हैं।शख्स आर्मी में सूबेदार हैं, जबकि उनकी पत्नी एयरफोर्स में कार्यरत हैं। उनका कहना था कि ट्रक से कार बचाने के चक्कर में वह हादसे का शिकार हो गए थे। अंदर से गेट नहीं खुल रहा था। जिसके चलते वह बाहर निकल पा रहे थे। पहले लोग खड़े हुए थे। मगर ऑफिसर ने मदद का हाथ बढ़ाया तो बाकी सब भी मदद करने लगे।

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