गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सात जिलों का बना केंद्र

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। शासन के आदेश के बाद गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। बीआरडी का माइक्रो बायोलॉजी डिपार्टमेंट गोरखपुर और बस्ती मंडल के हेपेटाइटिस बी और सी के पेशेंट की जांच करेगा। जांच में अगर पेशेंट के वायरल लोड अधिक पाए गए तो मेडिसिन डिपार्टमेंट की ओर इनका इलाज किया जाएगा। हेपेटाइटिस को नेशनल हेपेटाइटिस कंट्रोल कार्यक्रम के तहत जोड़ा गया है। इसमें पेशेंट का फ्री में जांच के साथ दवाएं भी दी जाएंगी।

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज को हेपेटाइटिस बी और सी के जांच के लिए 7 जिलों का नोडल बनाया गया है। साथी गोरखपुर बस्ती मंडल, जिसमें गोरखपुर, बस्ती, संतकबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, महराजगंज, देवरिया और कुशीनगर के डॉक्टरों को बीआरडी के डॉक्टर ने ट्रेनिंग भी दी गई है। वहीं, हेपेटाइटिस के पेशेंट की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। 10 से 15 सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। अब तक 410 पेशेंट की जांच की गई। इनमें 355 पेशेंट में वायरल का लोड अधिक मिला, जिसमें सबसे अधिक हेपेटाइटिस बी के पेशेंट मिले हैं।

हेपेटाइटिस बी और सी के बारे में डॉक्टरों का मानना है कि यह एक खतरनाक वायरस होता है। अगर मानव शरीर में ये वायरस प्रवेश कर जाए और समय से इसका इलाज नहीं कराया गया तो लंबे समय तक इसका लक्षण देखा जा सकता है। मेडिकल कॉलेज माइक्रोबायोलॉजी एचओडी अमरेश सिंह ने बताया कि हर रोज पेशेंट्स की सैंपल भेजे जा रहे हैं। अब तक 355 पेशेंट में वायरल का लोड अधिक पाया गया हैं। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन डिपार्टमेंट की टीम कर रही है।

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