दिल्ली पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का किया भंडाफोड़

6 साइबर ठग गिरफ्तार, 85 लाख की ठगी का हुआ पर्दाफाश

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दिल्ली पुलिस की द्वारका साइबर थाना टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए पश्चिमी दिल्ली के विकासनगर इलाके में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस कॉल सेंटर के जरिए लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और पिन जनरेशन के नाम पर ठगा जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना सहित कुल छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 41 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, राउटर और बैंक कस्टमर डेटा की डायरी बरामद की गई है।
जांच में सामने आया कि यह गिरोह देशभर में भोले-भाले लोगों को निशाना बना रहा था। कॉल सेंटर के ठग खुद को प्राइवेट बैंक का कर्मचारी बताकर ग्राहकों को फोन करते और क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने या पिन जनरेट करने का झांसा देते। इसके बाद वे पीड़ितों को एक APK फाइल भेजते और उसे डाउनलोड करने के बाद उनके मोबाइल तक पूरी पहुंच हासिल कर लेते। इससे ठग उनके एसएमएस, बैंक डिटेल और ओटीपी तक निकाल लेते और फिर लाखों रुपये ठगा लेते।
इसी तरह की एक शिकायत द्वारका निवासी 42 वर्षीय वीरेन्द्र कुमार ने दर्ज कराई थी। उनके नए क्रेडिट कार्ड का पिन जनरेट करने के बहाने उनसे 2.81 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना द्वारका ने तुरंत कार्रवाई की। तकनीकी जांच में पता चला कि ठगी की रकम से फ्लिपकार्ट पर महंगे मोबाइल खरीदे गए और फिर उन्हें रिटेल दुकानों पर सस्ते दामों में बेच दिया गया।
पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली के विकासनगर और हैदराबाद में एक साथ छापेमारी की। छापों के दौरान गिरोह के मास्टरमाइंड विजय शर्मा को दिल्ली से पकड़ा गया। इसके अलावा उसके साथी मूलचंद मिश्रा, गौरव और हेमंत भी दिल्ली से ही गिरफ्तार हुए। वहीं हैदराबाद से अमित और हरियाणा के पानीपत से प्रदीप साहू को दबोचा गया।
गिरफ्तार आरोपी अलग-अलग शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आते हैं। इनमें से मास्टरमाइंड विजय शर्मा बी.कॉम, एलएलबी और सॉफ्टवेयर-हार्डवेयर की पढ़ाई कर चुका है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य आठवीं, दसवीं और बारहवीं तक पढ़े हुए हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने अब तक करीब 85 लाख रुपये की ठगी की है। एनसीआरपी पोर्टल पर इनके मोबाइल नंबरों से जुड़ी 95 शिकायतें दर्ज पाई गई हैं।
इस कार्रवाई में डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के नेतृत्व में एसीपी रामअवतार, इंस्पेक्टर राजीव कुमार, इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह और साइबर थाना द्वारका की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम ने आईपी, आईएमईआई, यूपीआई, टेलीकॉम और बैंकिंग ट्रेल्स की गहन जांच कर आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें धर दबोचा। दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधों के खिलाफ उनकी मुहिम आगे भी जारी रहेगी और ऐसे ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।

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