लखनऊ में 15 लोगों ने इस्लाम छोड़कर फिर से अपनाया हिंदू धर्म, हवन-पूजन के बाद पहना भगवा
15 people in Lucknow left Islam and re-embraced Hinduism, wore saffron after performing havan-puja

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में गुरुवार को ‘घर वापसी’ कार्यक्रम के तहत 15 लोगों ने इस्लाम धर्म छोड़कर पुनः हिंदू धर्म अपना लिया। यह आयोजन विश्व हिंदू रक्षा परिषद की अगुवाई में गोमती नगर स्थित शिव भोला मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान वैदिक रीति-रिवाजों से हवन-पूजन कराया गया, जिसके बाद धर्म वापस लेने वाले लोगों को त्रिपुंड लगाया गया और भगवा वस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया।
धर्म परिवर्तन कर चुके इन लोगों ने मंच से सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने पूर्व में कुछ व्यक्तिगत कारणों या लालचवश इस्लाम धर्म को अपनाया था। हालांकि अब वे स्वयं की आत्मिक इच्छा और समाजिक चेतना के तहत दोबारा अपने मूल धर्म यानी सनातन हिंदू धर्म में लौट रहे हैं। घर वापसी करने वालों में महिलाओं और पुरुषों दोनों की संख्या रही। इनमें प्रमुख नाम मांडवी शर्मा, सोनू रानी, मालती, रीना, पल्लवी, हरजीत, संचित, राम नरेश मौर्या और नरेंद्र मिश्रा के थे।
सभी ने सार्वजनिक रूप से घोषणा करते हुए कहा कि वे अब पूरी तरह से सनातन परंपराओं के अनुसार जीवन बिताएंगे और हिंदू धर्म का पालन करेंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे विश्व हिंदू रक्षा परिषद के क्षेत्रीय संयोजक पंडित आदित्यनाथ मिश्रा ने बताया कि संगठन का उद्देश्य उन लोगों को अपने मूल धर्म में वापस लाना है, जो कभी परिस्थितिवश या प्रलोभन में आकर दूसरे धर्मों को अपना बैठे थे।
उन्होंने कहा, यह सिर्फ धार्मिक परिवर्तन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागरण है। हिंदू धर्म कोई संकीर्णता नहीं सिखाता, बल्कि यह सहिष्णुता और ज्ञान का प्रतीक है। जो लोग लौटना चाहते हैं, हम उनका स्वागत करते हैं।
मंदिर में आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने इन लोगों का स्वागत कर फूलों से सम्मान किया और उन्हें गले लगाया। हवन के बाद सभी को भगवत गीता भेंट की गई। इस अवसर पर पुनः हिंदू बने लोगों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वे अब अपने जीवन में शांति और आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।
उनका कहना था कि धर्म परिवर्तन करने के बाद उन्हें जिस सम्मान और अपनापन की अपेक्षा थी, वह नहीं मिला, जबकि अब घर वापसी के बाद वे आत्मिक रूप से संतुष्ट महसूस कर रहे हैं। कार्यक्रम के समापन पर सामूहिक प्रार्थना की गई और सभी को प्रसाद वितरित किया गया। संगठन ने यह भी घोषणा की कि भविष्य में ऐसे और लोगों की घर वापसी के लिए वे अभियान चलाएंगे और हर जिले में इस प्रकार के आयोजन किए जाएंगे।




