गगरी में फंसा बच्चा, हलक में अटक गई मां-बाप की जान!, जुगत लगाकर बचाई मासूम की जान

The child got stuck in the pitcher, the parents' life got stuck in their throat!, they saved the life of the innocent by using some trick

सागर/मध्य प्रदेश। मासूम और नटखट बच्चे खेल-खेल में अपने और परिवार के लिए कितनी बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकते हैं, इस बात की कल्पना सागर की इस घटना को देखकर कर लगा सकते हैं, जहां एक बच्चा नहाने के फेर में तांबे की गगरी में फंस गया। बच्चे की चीख सुनकर जब मां पहुंची तो उसके होश उड़ गए। चीखकर उसने बाकी परिजनों को बुलाया। इधर गगरी में फंसा बच्चा दर्द से बिलख रहा था। तमाम प्रयासों के बाद भी जब बच्चे को गगरी से बाहर नहीं निकाला जा सका तो बर्तन की दुकान पर ले जाकर गगरी को काटकर बच्चे को मुक्त कराया जा सका।
जानकारी के अनुसार, चकराघाट वार्ड में रहने वाले अनुज जैन का 2 साल का मासूम बेटा आरव जैन रविवार को छत पर खेल रहा था, इसी दौरान बच्चा नहाने के लिए पानी के बर्तनों से खेलने लगा और अपने आप को तांबे की गगरी नुमा बर्तन में फंसा लिया। बच्चे ने पहले तो खुद ही बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन उसके पैर और कमर गगरी के अंदर फंसे होने से वह खड़ा नहीं हो पाया। बच्चा जब बर्तन से नहीं निकला तो उसने शोर मचाया, परिजन मौके पर पहुंचे तो वे सन्न रह गए और उन्होंने भी काफी प्रयास किया कि बच्चे को गगरी से कैसे भी बाहर निकाल लिया जाए, लेकिन वे असफल रहे। मां और दादी बच्चे की तकलीफ देखकर रोने लगीं। परिजन और आसपास के लोग काफी काफी परेशान हुए लेकिन बच्चे को बर्तन से नहीं निकाल सके।
आरव के पिता अनुज जैन ने बताया कि काफी प्रयास के बाद भी जब बेटे को गगरी से बाहर नहीं निकाल सके तो फिर उसे लेकर चमेली चौक क्षेत्र में बर्तन बनाने वाले तमेरे के यहां गगरी सहित बच्चे को लेकर गए थे। वहां पर छेनी—हथौड़े से सधे हाथों से गगरी को बीच से काटकर बेटे को गगरी से बाहर निकाला जा सकता। इसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली है। बेटा ठीक है, गगरी काटने के दौरान वह काफी डर गया था, इसलिए काफी रोया भी है। हालांकि अब ठीक है।

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