61 की उम्र में बीजेपी के दिग्गज नेता दिलीप घोष ने रचाई शादी

Veteran BJP leader Dilip Ghosh got married at the age of 61

  • दिलीप घोष ने रिंकू मजूमदार के साथ शादी की नई शुरुआत की
  • प्रीतम ने मां के लिए खुशी जताई, शादी में शामिल नहीं हो सके
  • घोष ने मां की देखभाल के लिए शादी करने का निर्णय लिया

कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने शुक्रवार को अपनी निजी जिंदगी में एक नई शुरुआत की। उन्होंने अपनी पार्टी की सहयोगी रिंकू मजूमदार (47) के साथ अपने न्यू टाउन स्थित घर में एक साधारण समारोह में शादी की। इस शादी ने राजनीतिक गलियारों और आम लोगों का ध्यान खींचा। 60 साल के होने से एक दिन पहले दिलीप घोष ने शादी की रस्में पूरी की। इस शादी में दिलीप घोष की पत्नी रिकू का बेटा प्रीतम शामिल नहीं हुआ। अब उसका बयान सामने आया है।दिलीप घोष अपनी जोशीली भाषणों और अडिग राजनीतिक रुख के लिए जाने जाते हैं। शादी में उनके करीबी रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए। रिंकू मजूमदार और अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि खरगपुर में एक बड़ा जश्न होगा। खरगपुर, घोष का गृहनगर है।
रिंकू भाजपा महिला विंग की एक अनुभवी सदस्य हैं। वो 25 साल के बेटे की सिंगल मदर भी हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के भीतर उनका रिश्ता कैसे एक असामान्य प्रेम कहानी में बदल गया, जिसका अंत शादी में हुआ। रिंकू के बेटे, प्रीतम एक टेक प्रोफेशनल हैं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि काम के कारण वह शादी में शामिल नहीं हो सके, लेकिन वह अपनी मां के लिए खुश हैं। प्रीतम ने कहा, ‘उन्होंने अपनी जिंदगी मुझे पालने में बिता दी। मुझे खुशी है कि वह एक अच्छे इंसान के साथ बस रही हैं। मैं उनका पूरा समर्थन करता हूं।’
दिलीप घोष ने शादी के बाद कहा, ‘मैं हमेशा से एक वफादार और आज्ञाकारी पार्टी कार्यकर्ता रहा हूं। अब सामाजिक और पारिवारिक कर्तव्यों को पूरा करने का समय आ गया है। मेरी मां अब मेरे साथ रहती हैं। मुझे लगा कि किसी को उनके साथ रहने की जरूरत है क्योंकि वह बूढ़ी हो रही हैं और मैं काम में व्यस्त रहता हूं। जिससे मैं शादी कर रहा हूं, वह अपनी जिम्मेदारियों को जानती है। उन्होंने ही मुझसे शादी के लिए संपर्क किया था। मैं आपके आशीर्वाद की उम्मीद कर रहा हूं।’
घोष की मां पहले अपने दो भाइयों के साथ पश्चिम बंगाल के झारग्राम में गांव कुलियाना स्थित घर में रहती थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में हारने के बाद वह उनके न्यू टाउन स्थित घर में रहने लगीं। घोष के सहयोगियों ने बताया कि इसके बाद से उन्हें घर जल्दी लौटना पड़ता था क्योंकि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। एक सहयोगी ने कहा कि जब वह प्रचारक थे, तब दिलीप दा संघ निवास में रहते थे। उनकी मां के उनके साथ रहने के बाद, दिलीप दा को प्रबंध करना मुश्किल हो रहा था।

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