शाहदरा पुलिस ने डकैती एवं हत्या की घटना का 12 घंटे के अंदर किया खुलासा

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिला पुलिस ने एक हत्या एवं डकैती के मामले को 12 घंटे के भीतर सुलझाते हुए पिता पुत्र सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नगद धनराशि/चांदी के आभूषण सहित एक देसी पिस्टल भी बरामद की गई। पुलिस के अनुसार 17 अक्टूबर को थाना शाहदरा पर एक पीसीआर कल प्राप्त हुई जिसमें कॉलर द्वारा जानकारी दी गई कि तीन हथियारबंद युवकों ने बलबीर नगर शाहदरा स्थित उनके घर की तीसरी मंजिल से उनके रिश्तेदार को फेंक दिया है। सूचना मिलते ही तत्काल थाना शाहदरा एसएचओ संजीव कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पहुंचने पर पुलिस को ज्ञात हुआ कि पीड़ित को पहले ही जीटीबी अस्पताल में इलाज के लिए भेज दिया गया था। पुलिस ने जब आगे जीटीबी अस्पताल में पहुंच कर जांच की तो पाया कि शाहदरा के बलबीर नगर निवासी रोहित जैन उम्र 28 वर्ष को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने जब इस संबंध में मृतक के परिवार से संपर्क किया एवं जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उनका एक जानकार व्यक्ति जिसका नाम सतीश है वह अपने दो अन्य व्यक्तियों के साथ पिस्तौल लेकर उनके घर आया था जहां उनके बीच कुछ वाद विवाद हुआ इस दौरान तीनों ने मृतक रोहित जैन को घर की तीसरी मंजिल स्थित बालकनी से धक्का दे दिया। नीचे गिरने से रोहित की मौत हो गई इसके बाद तीनों आरोपी नगदी और आभूषण लूट कर भाग गए। यह संबंध में थाना शाहदरा पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज का जांच शुरू कर दी गई।
आरोपियों को पकड़ने के लिए एसीपी शाहदरा की निगरानी एवं एसएचओ संजीव कुमार और इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस ने घटना से जुड़े सभी व्यक्तियों के सीसीटीवी फुटेज और सीडीआर का निरीक्षण किया एवं मुखबिरों से भी जानकारी एकत्र की गई। जांच के दौरान पता चला कि सतीश पुत्र ओमप्रकाश जो की जोहरीपुर दिल्ली का निवासी है उसने दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस को यह भी जानकारी हुई की सतीश मृतक का बिजनेस पार्टनर था और कुछ पैसों के लेनदेन के विवाद को लेकर उसने इस घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने जब अपनी जांच का दायरा बढ़ाया तो दो अन्य व्यक्तियों जिनकी पहचान हीरालाल पुत्र देवी सिंह एवं नितेश और नितिन उर्फ बिल्लू पुत्र हीरालाल निवासी ग्राम दानपुर, जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई। पुलिस कई ठिकानों पर छापेमारी की इसके बाद गांधीनगर में स्थित एक फैक्टरी से घटना में शामिल सभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश ने बताया कि वह और मृतक रोहित पिछले 5 साल से बिजनेस पार्टनर थे। हम दोनों के बीच पिछले लगभग दो वर्षों से कुछ रुपए के लेनदेन का विवाद चल रहा था। जिसके चलते उसका व्यापार घाटे में जा रहा था और बैंक द्वारा उसको दिए गए लोन को चुकाने का दबाव डाला जा रहा था जिससे सतीश बहुत परेशान था। घटना वाले दिन वह ऐसी संबंध में मृतक रोहित के घर गया था जहां रोहित ने बिजनेस में लगाए हुए बैंक द्वारा लोन को चुकाने से इनकार कर दिया इस बात पर दोनों के बीच वाद विवाद हो गया। इस पर उसने मृतक रोहित को अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर बालकनी से धक्का दे दिया। घटना में शामिल दोनों अन्य व्यक्ति हीरालाल और उसके बेटे नीतेश ने खुलासा किया कि मृतक रोहित ने उनके नाम पर 10 लख रुपए का लोन लिया था और उसे रुपए का इस्तेमाल खुद कर लिया। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि वह रोहित के घर से कुछ रुपए और चांदी के आभूषणों से भरा एक बैग भी ले गए आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी पिस्तौल और लूटी गई नगदी एवं आभूषण बरामद कर लिए गए। शाहदरा पुलिस ने इस हत्या और डकैती की घटना को महज 12 घंटे के अंदर सुलझा कर अत्यंत सराहनीय कार्य किया है।




