घर से भागी, हमदर्द बन कादर अली ले गया घर, फिर जिस्म का सौदा, 5 साल से मेंटल हॉस्पिटल में नाबालिग

मुंबई/एजेंसी। वह पढ़ना चाहती थी लेकिन उसके माता-पिता बचपन में ही छोड़कर चले गए। उसका जीवन नानी के घर बीतने लगा। उसे मां का प्यार मिला, न ही पिता की छाया। तमाम दुखों के बावजूद वह खुश रहने की कोशिश करती थी लेकिन उसे तो पता ही नहीं था कि यहीं उसके दुखों का अंत नहीं है। मासी से झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में अपने कदम घर के बाहर रख दिए। उसे अंदाजा भी नहीं था कि दुनिया में सिर्फ अच्छे ही लोग नहीं रहते हैं। आगे उसकी जिंदगी नर्क बनने वाली थी। हमदर्दी दिखाकर उसे एक शख्स ने संरक्षण देने को कहा, अपने घर ले गया और उसका रेप किया। उस शख्स की पत्नी ने उसके नग्न वीडियो और फोटो बनाए। इन तस्वीरों और वीडियो को दिखाकर वह उसके जिस्म का सौदा करने लगे। यह सब कई महीनों तक चला। उसे इतना सदमा लगा कि वह मेंटल हो गई। आखिर उसे रेस्क्यू कराया गया और मानसिक हालत देखते हुए मेंटल हॉस्पिटल ले जाया गया। बीते पांच साल से नाबालिग का इलाज जारी है लेकिन वह आज तक सामान्य नहीं हो पाई है। अब उसे न्याय मिला है। नाबालिग को वैश्यावृत्ति में धकेलने वाले दंपती को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी को सजा सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि घटना के कारण महिला मानसिक रूप से अस्थिर हो गई थी। कई वर्षों तक वह मानसिक रोग अस्पताल में रही। उसका इलाज किया गया।
विशेष POCSO अदालत ने 16 वर्षीय लड़की का यौन उत्पीड़न करने, ब्लैकमेल करने और वेश्यावृत्ति में धकेलने के लिए कपल को दोषी माना और दोनों को 10-10 साल जेल की सजा दी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, किशोरी अपनी मौसी के साथ रहती थी और किसी बात पर झगड़े के बाद घर से भाग गई। रास्ते में उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई जो उसे आश्रय देने के बहाने अपने घर पर ले गया। यहां 33 वर्षीय कादर अली शेख ने नशे में धुत होकर लड़की का यौन उत्पीड़न किया।
नाबालिग के जिस्म का करते थे सौदा
कादर अली की 26 वर्षीय पत्नी आलिया शेख उर्फ पूजा आंटी ने बच्ची की नग्न तस्वीरें खींचीं। फिर दोनों बच्ची के ये वीडियो और तस्वीरें दिखाकर उसका सौदा करने लगे। लड़की ने कोर्ट को बताया कि कई लोग दंपति के घर आते थे, उसका यौन उत्पीड़न करते थे। कुछ दिनों के बाद, वह भागने में सफल रही और पुलिस को मिली।
4 महीनों तक हुआ यौन शोषण
बच्ची का अक्टूबर 2018 से जनवरी 2019 तक शारीरिक और मानसिक यातना दी गई। 2019 में पीड़िता किसी तरह भागने में सफल रही, हालांकि, उसे आघात सहना पड़ा। फिलहाल वह मानसिक अस्पताल में है। उन्हें 18 जनवरी, 2019 को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के बाद उसने अपना बयान दिया था। कपल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उनके फोन में लड़की की कई नग्न तस्वीरें भी मिलीं।
कोर्ट ने कहा- नरमी के पात्र नहीं अपराधी
दंपति को दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधीश आरके क्षीरसागर ने कहा कि घटना के कारण पीड़िता मानसिक रूप से अस्थिर हो गई है। कई वर्षों बाद वह अब भी मानसिक रोग अस्पताल में है। अभियुक्त का कृत्य नरमी लायक नहीं है। खुद के 5 बच्चे होने के बावजूद उन्होंने इस तरह का अपराध किया। ऐसे अपराधियों के साथ सख्त व्यवहार होना चाहिए। ये नरमी के पात्र नहीं हैं।
अदालत ने कहा कि पीड़िता के साथ जो हुआ वह इतना भयावह था कि वह आज भी सामान्य नहीं हो पाई है। सबूत देने के लिए मानसिक अस्पताल से लाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उसकी प्रतिक्रियाएं पिछले दर्दनाक तनाव के कारण थीं। साक्ष्य दर्ज करने के समय भी यही देखा गया, गवाही देने के बाद नाबालिग की हालत खराब हो गई।

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