मालदीव-मॉरीशस में तनाव के बीच एक्शन में भारतीय नौसेना
पोर्ट लुईस पहुंचा आईएनएस त्रिकंद युद्धपोत

पोर्ट लुइस। भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद मॉरीशस की राजधानी पोर्ट लुइस पहुंचा है। इस दौरे की पुष्टि भारतीय नौसेना ने की है। भारतीय नौसेना ने एक्स पर आईएनएस त्रिकंद की पोर्ट लुइस में ठहराव की तस्वीरें भी जारी है। भारतीय युद्धपोत पोर्ट लुइस तब पहुंचा है, जब मॉरीशस और मालदीव में चागोस द्वीपसमूह को लेकर तनाव चरम पर है। चागोस पर मालदीव के राष्ट्रपति मोदम्मद मुइज्जू की धमकियों के बाद मॉरीशस ने राजनयिक संबंध तोड़ लिए हैं। मालदीव और मॉरीशस दोनों भारत के करीबी देश हैं और हिंद महासागर में प्रमुख सहयोगी भी हैं।
भारतीय नौसेना ने एक्स पर लिखा, इंडियन नेवी का स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिकंद, दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में अपने चल रहे ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट के दौरान 10 मार्च 2026 को मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुंचा। पोर्ट कॉल के दौरान, कमांडिंग ऑफिसर सीनियर सरकारी और मॉरिशस कोस्ट गार्ड अधिकारियों से मिलेंगे। यह जहाज मॉरीशस के 58वें नेशनल डे सेलिब्रेशन में एक मार्चिंग टुकड़ी, नेवल बैंड और अपने इंटीग्रल हेलीकॉप्टर के फ्लाईपास्ट के साथ हिस्सा लेगा। इस दौरान दूसरे कल्चरल, सोशल और स्पोर्ट्स प्रोग्राम भी किए जाएंगे।
भारतीय नौसेना के मुताबिक, आईएनएस त्रिकंद मॉरीशस के 58वें नेशनल डे सेलिब्रेशन में हिस्सा लेगा। भारत लगभग हर साल सद्भावना के रूप में अपने युद्धपोतों को मॉरीशस के नेशनल डे सेलिब्रेशन में शामिल होने के लिए भेजता है। मॉरीशस हर साल 12 मार्च को नेशनल डे मनाता है। यह दिन 1968 में मॉरीशस की स्वतंत्रता और 1992 में गणतंत्र बनने की याद दिलाता है। इस समारोह में पोर्ट लुइस में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भारतीय नौसेना की भागीदारी प्रमुख होती है।
मॉरीशस और मालदीव में विवाद चागोस द्वीपसमूह की संप्रभुता और समुद्री सीमा (EEZ) को लेकर है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल में ही ITLOS के 2023 के फैसले को खारिज कर चागोस पर अपना दावा जताया था। इसके बाद मॉरीशस ने मालदीव से कूटनीतिक संबंध निलंबित कर दिए हैं। ITLOS ने 28 अप्रैल 2023 को 95,000 वर्ग किमी के क्षेत्र को विभाजित करते हुए मालदीव को 47,232 वर्ग किमी और मॉरीशस को 45,331 वर्ग किमी दिया था। उस वक्त तत्कालीन मालदीव की सरकार ने इस फैसले को स्वीकार किया था, लेकिन मुइज्जू ने उसे मानने से इनकार किया है।




