खोए मोबाइल बरामद कर घर-घर पहुंचाया, दिल्ली पुलिस कर रही कमाल का काम

Delhi Police is doing amazing work by recovering lost mobiles and delivering them to each home

  • दिल्ली पुलिस ने चोरी मोबाइल की डोरस्टेप डिलिवरी शुरू की
  • अब तक 103 मोबाइल बरामद, 37 की डिलिवरी हो चुकी
  • पुलिस ने तकनीकी सहायता से मोबाइलों की पहचान की

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस आजकल चोरी/गुम हुए मोबाइल को रिकवर कर ‘डोरस्टेप डिलिवरी’ कर रही है। पढ़कर चौंकिए मत। ‘नाउम्मीदी को उम्मीद’ में बदलने की यह अनूठी पहल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट ने शुरू की है। आमतौर पर लोगों की लगभग एक ही धारणा है कि चोरी या गुम हुआ मोबाइल फिर से मिलने के चांस ना के बराबर होते हैं।पुलिस के प्रति ये व्यथा उन लोगों की ज्यादा है, जो मोबाइल चोरी होने पर थाने और आईओ के पास चक्कर लगाते-लगाते निराश होकर बैठ जाते हैं। आखिर में यही मान लेते हैं कि ‘मोबाइल अब नहीं मिलना’। मगर, इस फिक्स इमेज को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने चेंज करने की कोशिश की है। ताकि उन पीड़ितों के चेहरों की चमक और मुस्कुराहट वापस लौट सके, जिन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनका मोबाइल कभी मिल सकेगा।
ढाई महीने में 103 मोबाइल रिकवर, 37 की डोरस्टेप डिलिवरी
पिछले ढाई महीने में अलग-अलग ब्रैंड के 103 मोबाइल को नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों व देश के दूसरे राज्यों में टीमें भेजकर बरामद किए। पुलिस अफसर के मुताबिक, जिले में टेक्निकल यूनिट के इंचार्ज एसआई विनोद वालिया के सुपरविजन में टीम 37 मोबाइल की जिले में डोरस्टेप डिलिवरी दे चुकी है। इसके लिए टेक्निकल यूनिट से 5 पुलिसकर्मी की टीम सीईआईआर भारत सरकार के टेलिकॉम डिपार्टमेंट का (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) ceir.gov.in नाम से सिटिजन पोर्टल की मदद से ट्रेसेबल मोबाइल को अलग-अलग जगह जाकर बरामद करती है।
जबकि दो पुलिसकर्मी बरामद मोबाइल के आईएमईआई नंबर और दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर लॉस्ट आर्टिकल ईएफआईआर से मिलान करके उसके ओनर से संपर्क करते हैं। उसके बाद जरूरी कागजी औपचारिकताएं पूरी करके डोरस्टेप डिलिवरी देते हैं। डिलिवरी के समय पुलिस टीम मोबाइल सुपुर्दगी के साथ सेल्फी और विडियो लेती है। नासिक निवासी एक बैंक अफसर अपने खोए मोबाइल को लेने फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे। उनका मोबाइल दो साल पहले चोरी हुआ था। पुलिस की कॉल गई तो वह तुरंत आ गए। वजह, चोरी हुआ मोबाइल उनकी मां ने किसी समय गिफ्ट किया था।
पुलिस अफसर के मुताबिक, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में कश्मीरी गेट बस अड्डा/ पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन/मेट्रो स्टेशन/सदर बाजार/चांदनी चौक की वजह से बाहरी राज्यों के लोगों की सबसे अधिक आवाजाही रहती है। इस भीड़ में अक्सर लोगों के मोबाइल गुम/चोरी हो जाते हैं। अभी तक के एनालिसिस से सामने आया कि चोरी/गुम मोबाइल को ज्यादातर वे लोग यूज कर रहे थे, जिन्हें पता ही नहीं था कि इसकी ऑनलाइन एफआईआर है। ऐसे लोगों ने सेकंड हैंड या राह चलते किसी की मजबूरी में मदद की नीयत से खरीदा था। हालांकि कुछ केस में इन्वेस्टिगेशन जॉइन करने का नोटिस भी सर्व किया गया है।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि हम चाहते थे लोगों को पुलिस की तरफ से सरप्राइज मिले। इसलिए बरामद किए जा रहे मोबाइल फोन के डोरस्टेप डिलिवरी का आईडिया इंप्लीमेंट कराया। साथ ही, जिले के सभी थानों को एक सर्कुलर नोटिस भेजा। जिसमें सभी एस एचओ को निर्देशित किया कि मोबाइल चोरी/गुम होने की कंप्लेंट रिसीव होने पर सीईआईआर पोर्टल को यूज करें, ताकि गुम मोबाइल की डिटेल ऑनलाइन रहे। इसके बाद सभी थाने मोबाइल के लॉस्ट आर्टिकल रिपोर्ट मिलने पर इस पोर्टल यूज कर रहे हैं। नतीजे अच्छे मिल रहे हैं। पब्लिक से अपील है कि राह चलते अनजान से मोबाइल खरीदने से बचें। सेकंड हैंड मोबाइल ले रहे हैं तो उसकी आईएमईआई को सीईआईआर पोर्टल पर जाकर चेक जरूर करें।

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