अरुणाचल प्रदेश के स्कूल में पानी की टंकी गिरने से 3 छात्रों की मौत, 3 घायल
3 students killed, 3 injured as water tank collapses at Arunachal Pradesh school

- भारतीय कंपनियों को स्विट्जरलैंड में चुकाना पड़ेगा अधिक टैक्स।
- एक जनवरी से लागू होगा फैसला, निवेश पर भी पड़ सकता है असर।
नई दिल्ली/एजेंसी। स्विट्जरलैंड ने भारत को दिए गए मोस्ट फेवर्ड नेशन यानी सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) का दर्जा वापस लेने का फैसला किया है। स्विट्जरलैंड सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, आगामी एक जनवरी से यह फैसला लागू होगा।
इस फैसले का असर यह होगा कि स्विट्जरलैंड व यूरोपीय यूनियन में काम करने वाली भारतीय कंपनियों को वहां होने वाली कमाई पर पहले की तुलना में ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। इसका अर्थ यह है कि स्विट्जरलैंड एक जनवरी, 2025 से भारतीय कंपनियों द्वारा उसके यहां होने वाली कमाई पर 10 प्रतिशत टैक्स लगाएगा।
स्विट्जरलैंड के वित्त विभाग ने 11 दिसंबर को एक बयान में कहा कि भारत के साथ दोहरे कराधान से बचाव समझौते (डीटीएए) मामले में एमएफएन दर्जा को निलंबित कर दिया गया है। स्विट्जरलैंड ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को ध्यान में रखते हुए लिया, जिसके तहत डीटीएए को लागू करने के लिए इसे आयकर अधिनियम के तहत अधिसूचित करने की बात कही गई थी।
इस वजह से स्विट्जरलैंड की कंपनी नेस्ले को भारत में होने वाली कमाई पर अधिक कर देना पड़ता है। एमएफएन का दर्जा वापस लेने के बाद स्विट्जरलैंड की कंपनियों को भी भारत में अधिक टैक्स देना होगा। इससे स्विट्जरलैंड से होने वाले निवेश पर भी असर पड़ सकता है। डीटीएए के तहत एमएफएन समझौते वाले देशों को लाभांश, तकनीकी शुल्क व आयकर पर कम दर से भुगतान करना पड़ता है।




