अमेरिकी बोइंग F15-EX के साथ भारत को महाशक्तिशाली एम्बर मिसाइल रैक हुई ऑफर
India offered powerful Amber missile rack along with American Boeing F15-EX

- एम्बर रैक के साथ फाइटर जेट एक साथ 22 मिसाइलें लेकर जा सकता है
- एम्बर मिसाइल रैक के साथ एफ 15ईएक्स की क्षमता में बड़ी बढ़ोतरी होगी
वॉशिंगटन/एजेंसी। भारतीय वायु सेना अपने लड़ाकू बेड़े में नए मल्टीरोल फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल करने के लिए विमानों पर विचार कर रही है। अमेरिकी बोइंग F-15EX लड़ाकू विमान भी इसके लिए प्रतियोगियों में शामिल है। नई जानकारी के अनुसार, बोइंग एफ-15ईएक्स ने भारतीय वायु सेना को अपने एडवांस एम्बर (एंबर) मिसाइल रैक के साथ अत्याधुनिक क्षमताएं देने की पेशकश की है। ये ट्रैक अभूतपूर्व बहुमुखी प्रतिभा और ऑपरेशनल लचीलापन प्रदान करेंगे, जिससे यह लड़ाकू विमान विभिन्न मिशन प्रोफाइल के लिए हथियारों की एक विस्तृत शृंखला ले जाने में सक्षम होगा।अपने असाधारण प्रदर्शन के लिए जाना जाने वाला एफ15-ईएक्स एम्बर मिसाइल रैक से लैस होगा, जो हवा से हवा में मार करने वाली 22 मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होगा। इससे विमान एक साथ कई एयरपॉड्स को निशाना बना सकेगा। यह उच्च क्षमता वाला हथियार भारतीय वायुसेना को यूद्ध के दौरान महत्वपूर्ण रूप से बढ़त दिलाएगा। एम्बर रैक मिसाइल का लचीलापन हवा से हवा में युद्ध तक ही सीमित नहीं है। वे छोटे आकार के बमों को ले जाने और प्रत्यक्ष हमला करने वाले हथियारों के संयोजन को ले जाने की क्षमता भी प्रदान करते हैं।
एडवांस्ड मिसाइल और बम इजेक्शन रैक (एंबर) एक बड़ी मिसाइल रैक है। इसकी हर एक रैक में चार मिसाइल रखी जा सकती है। एफ15-ईएक्स लड़ाकू विमान के हर पंख के नीचे चार एम्बर रैक और इसके पेट के नीचे एक रैक लगा होगा। यह अपने साथ 20 लंबी दूरी की AIM-120D मिसाइलों को ले जा सकता है। साथ ही विंग ट्रेल पर दो छोटी दूरी की AIM-9X मिसाइलों को ले जाने की क्षमता है। इस तरह एम्बर रैक लगने से यह फाइटर एक साथ 22 मिसाइलों को ले जा सकता है। यह बहुत बड़ी क्षमता है और वर्तमान में किसी भी लड़ाकू जेट में यह नहीं है।
भारत को 114 फाइटर जेट की जरूरत
भारतीय वायु सेना ने अप्रैल 2018 में 114 मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट की आवश्यकता के बारे में घोषणा की थी। भारतीय नौसेना को भी नए लड़ाकू विमानों की आवश्यकता थी। सूचना के अनुरोध (RFI) के लिए आठ विमानों ने जवाब दिया, जिसमें बोइंग का F15-EX भी शामिल है। भारत सरकार की नीति के अनुसार यह निर्णय लिया गया कि सभी जेट मेक इन इंडिया नीति का पालन करेंगे और भारत की अपनी उत्पादन लाइन में निर्मित किए जाएंगे। हालांकि, आरएफआई का जवाब मिलने के बाद लगभग छह साल बाद भी अनुबंध निविदा या प्रस्ताव हेतु अनुरोध (RFP) अभी तक नहीं भेजा गया है।




