मां दुर्गा ने पूरी की मुस्लिम फैमिली की मनोकामना! बकरे की बलि देकर जताया देवी का आभार
Maa Durga fulfilled the wish of a Muslim family! They expressed their gratitude to the Goddess by sacrificing a goat

कटिहार/बिहार। कहते हैं आस्था हो तो वहां धर्म के बंधन भी टूट जाते हैं। आस्था में कोई बाध्यता नहीं होती है। यह बिहार के कटिहार में दुर्गा पूजा के मौके पर सच हुआ है। एक मुस्लिम परिवार ने कटिहार के मां दुर्गा मंदिर में पाठा (बकरा) की बलि चढ़ाई और अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर पूजा अर्चना की। यह घटना बड़ी दुर्गा मंदिर में हुई, जहां सभी की मनोकामना पूर्ण होती है। इस परिवार ने अपनी आस्था और विश्वास को व्यक्त करते हुए खुशी जताई।
कटिहार में मां दुर्गा के प्रति सच्ची आस्था और विश्वास जताते हुए एक मुस्लिम परिवार के लोग शुक्रवार को मां दुर्गा के दरबार पहुंचे और पाठा की बलि देकर अपने मनोकामना पूर्ण होने पर खुशी का इजहार किया है। कटिहार के दुर्गा स्थान स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा के दरबार में आने पर सभी के मनोकामना पूर्ण होती है। यही नहीं, मुस्लिम परिवार पर भी मां दुर्गा मेहरबान है और मनोकामना पूर्ण होने पर मुस्लिम परिवार मां दुर्गा के दरबार पहुंचे और पूजा अर्चना की।
कटिहार के हसनगंज प्रखंड के खोरबा पंचायत के रहने वाली जायदा खातून ने बताया, ‘उनके बेटे की शादी के 5 साल तक उनकी बहू को कोई संतान नहीं हुआ। डॉक्टर और कई जगह पर जाकर वह थक चुकी थीं। इसी दौरान वह दुर्गा स्थान स्थित दुर्गा मंदिर होकर गुजर रही थी और वह माता के दरबार पहुंच गई और अपनी मन्नत को माता के समक्ष रखा। मन्नत पूर्ण होने पर वह पाठा (बकरे) की बलि देने और प्रसाद चढ़ाने की कामना की और उसकी बहू को पुत्री की प्राप्ति हुई।’
इसके बाद वह खुश होकर मां दुर्गा के दरबार पहुंची और पाठा की बलि चढ़ा कर और माता के दरबार में प्रसाद भेंट कर मां दुर्गा के प्रति विश्वास और आस्था जताया। वहीं दुर्गा मंदिर कमेटी के प्रभाकर झा ने बताया कि इस दुर्गा मंदिर में माता के दरबार में सभी धर्म जाति के लोग यहां पहुंचते हैं। वहीं आज एक मुस्लिम परिवार भी पहुंचा और माता के दरबार में मन्नत मांगी थी वह पूर्ण हुआ है। मन्नत पूर्ण होने पर वो यहां पहुंची और पाठा की बलि दी है और प्रसाद चढ़ाया है। माता के दरबार में सभी धर्म के लोग एक समान हैं। यहां सभी जाति धर्म के लोग आते हैं और यहां कोई भेदभाव नहीं है।
नोट: परिपूर्ण न्यूज़ किसी भी प्रकार के बलि प्रथा का समर्थन नहीं करता है। यह खबर केवल लोगों की आस्था को ध्यान में रखकर प्रकाशित की गई है।




