दिल्ली के अस्पतालों में बस पांच रुपये में ठहर सकेंगे तीमारदार

सितंबर से होने जा रही विश्राम गृह योजना की शुरुआत

नई दिल्ली। राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में अब मरीज के तीमारदारों को आराम करने के लिए यहां-वहां भटकना नहीं होगा। महज पांच रुपये का शुल्क चुकाकर सुविधाजनक आरामघर में विश्राम कर सकेंगे।
दिल्ली सरकार सितंबर में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ”विश्राम गृह” की शुरुआत करेगी। पहले चरण में लोक नायक अस्पताल, अंबेडकर अस्पताल, डीडीयू अस्पताल, गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में विश्राम गृह बनाए जाएंगे। इसके बाद दिल्ली के अन्य अस्पतालों में भी यह सुविधा शुरू की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक विश्राम गृह का शुल्क महज पांच रुपये रखा गया है, ताकि यह हर किसी के लिए सर्वसुलभ रहे। इस शुल्क में परिवार के एक या दो सदस्यों को विश्राम गृह में रहने की अनुमति दी जाएगी, जहां सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पायलट प्रोजेक्ट सितंबर में चार से पांच अस्पतालों में शुरू होगा। पहले चरण में स्वच्छ शौचालय, उचित बिस्तर और भोजन की व्यवस्था से सुसज्जित विश्राम गृह सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि तीमारदारों को सड़कों पर या अस्पताल परिसर के आसपास न सोना पड़े।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) माॅडल के तहत विकसित की जाएगी। इससे मरीजों के परिवारों को बहुत मदद मिलेगी, क्योंकि लोग अक्सर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए लंबी दूरी तय करते हैं। ऐसे में उनके तीमारदारों के लिए यह मुश्किल हो जाता है।
अस्पताल परिसर में मौजूदा केबिनों या खाली इमारतों का जहां तक संभव हो, उपयोग किया जाएगा, जबकि आवश्यकता के अनुसार अस्थायी या स्थायी ढांचे भी बनाए जा सकते हैं। दिल्ली सरकार का लक्ष्य अगले कुछ महीनों में चुनिंदा अस्पतालों में विश्राम गृह सुविधा को चालू करना है। इसके बाद शहर के अन्य अस्पतालों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।

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