नए कानून से दिल्ली में रेहड़ी पटरी वाले पर दर्ज हुई पहली एफआईआर, आरोपी पर लगीं धारा 173 और धारा 285

नई दिल्ली। आज यानी 1 जुलाई से देश अपने कानून से चलेगा। अंग्रेजों के बनाए कानून अब कल की बात हो चुके हैं। तीन नए क्रिमिनल कानून आने के बाद कई धाराएं भी बदल जाएंगी। भारत देश में तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 ने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह ले ली है। आज से जो भी अपराध संज्ञान में आएगा उसे नए कानून के तहत लिखा, सुना और कोर्ट में चलाया जाएगा। इसी कड़ी में आज सुबह दिल्ली में नए कानून के तहत पहली एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी पर नए क्रिमिनल कानून की धारा 173 लगाई गई है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज को बाधित कर अपनी दुकान चलाने पर रेहड़ी-पटरी वाले पर नए क्रिमिनल कानून के तहत केस दर्ज किया गया है। रेहड़ी पटरी वाले पर भारतीय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173 के तहत पहली एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं उसपर दूसरे क्रिमिनल कानून की धारा 285 के तहत आरोप लगाया गया है। एफआईआर में दिए गए विवरण के अनुसार, आरोपी मुख्य सड़क के पास एक ठेले पर तंबाकू उत्पाद और पानी बेच रहा था, जिससे राहगीरों को परेशानी और असुविधा हो रही थी। आस-पास गश्त कर रहे पुलिस अधिकारियों ने आरोपी से अपना ठेला हटाने का अनुरोध किया, लेकिन उसने उनके निर्देशों की अवहेलना की। इसके बाद दिल्ली पुलिस को यह कार्रवाई करनी पड़ी। इन दोनों धाराओं को समझ लीजिए
दिल्ली में रेहड़ी पटरी वाले पर नए क्रिमिनल कानून के तहत जो केस दर्ज हुआ है, उसे समझने की जरूरत है। नए क्रिमिनल कानून भारतीय न्याय संहिता ने पुराने कानून आईपीसी की जगह ली है, वहीं, सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) ने ली है। दिल्ली में जो एक ही आरोपी पर दो धाराएं 173 और 285 इसी बीएनएस और बीएनएसएस के तहत लगी हैं।

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