लालच में फंसकर बर्बाद हो गया रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी, पुलिस का अनुभव भी रहा बेकार

नोएडा ब्यूरो। नोएडा शहर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। नेाएडा के अत्याधुनिक सेक्टर में रहने वाले एक आईपीएस अफसर को कच्चे लालच में पडऩा बहुत भारी पड़ गया है। चार दशक तक पुलिस विभाग में बड़े-बड़े पदों पर तैनाती का अनुभव भी नोएडा में रहने वाले पूर्व पुलिस अफसर के काम नहीं आया। कच्चे लालच में फंसकर नोएडा शहर में रहने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस के अफसर को बर्बाद होना पड़ गया है।
कहते हैं कि “लालच बुरी बला है”। लालच करने वाला कभी सुखी नहीं रहता है। ऐसा ही कुछ हुआ है नोएडा शहर में रहने वाले रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी के साथ। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी शैलेन्द्र कुमार कुछ अर्सा पूर्व तक नोएडा शहर के एक पॉश सेक्टर में रहते थे। इन दिनों रिटायर्ड आईपीएस अफसर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सुंदरम सोसायटी में रहते हैं। लम्बे अर्से तक पुलिस के अलग-अलग पदों पर रहने वाले शैलेन्द्र कुमार को कच्चा लालच देकर साइबर ठगों ने पूरे तीस लाख रूपए ठग लिए हैं।
नोएडा कमिश्नरी पुलिस के साइबर सेल से मिली जानकारी के मुताबिक साइबर जालसाजों ने शेयर बाजार में निवेश कराने के नाम पर रिटायर्ड एडीजी से 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। जालसाजों ने व्हाट्स एंप ग्रुप में जोडक़र वारदात को अंजाम दिया। पीडि़त ग्रेनो वेस्ट निवासी शैलेंद्र कुमार की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। नोएडा में साइबर थाने को दी शिकायत में रिटायर्ड आईपीएस शैलेंद्र कुमार ने कहा कि पास कुछ समय पहले व्हाट्स एप मैसेज आया थे। जिसमें घर बैठे डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग कर लाखों रुपये कमाने की बात कही गई थी। मैसेज में दिए गए नंबर पर हुई बातचीत में आरोपी ने बताया कि उसकी कंपनी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बंबई स्टॉक एक्सचेंज में निवेश कराती है। बातचीत में आरोपियों ने शेयर बाजार के बारे में काफी जानकारी दी। इससे वह जालसाजों के झांसे में आ गए। उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। ग्रुप में पहले से ही 100 से अधिक लोग जुड़े हुए थे। शुरुआत में कुछ टास्क दिया गया और रकम भी दी गई। इसके बाद आईपीओ और कंपनियों के शेयर में निवेश करने का टास्क दिया।
उन्होंने कई कंपनियों के आईपीओ खरीद लिए। इसके साथ ही जालसाजों द्वारा बताए गए कंपनियों के शेयर में भी निवेश किया। जालसाजों ने इस तरह अलग अलग तरीके से 30.62 लाख रुपये निवेश कर दिए। वह जब अपने मुनाफे की रकम को वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके ट्रेडिंग अकाउंट को बंद कर दिया। उन्होंने उनसे वापस से अकाउंट को खोलने के लिए कहा तो जालसाजों ने उनसे और रुपये निवेश करने के लिए कहा। जालसाजों से अपने रुपये वापस मांगने पर उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया गया। अब साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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